बजट की कमी से जूझ रहा कोटा का शाला क्रीड़ा संगम, खिलाड़ियों से शुल्क वसूली पर उठे सवाल

सिर्फ दो लाख के वार्षिक बजट में 330 खिलाड़ियों की व्यवस्था, कबड्डी मैदान बना जंगल

बजट की कमी से जूझ रहा कोटा का शाला क्रीड़ा संगम, खिलाड़ियों से शुल्क वसूली पर उठे सवाल
बैडमिंटन हॉल में 800 रुपये शुल्क को लेकर पारदर्शिता पर सवाल।

कोटा। खेल प्रतिभाओं के लिए पहचाने जाने वाले शहर का शाला क्रीड़ा संगम महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (मल्टीपरपज), गुमानपुरा इन दिनों संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षा विभाग के अधीन संचालित इस खेल केंद्र में दस खेलों के लिए 18 प्रशिक्षक कार्यरत हैं और सुबह-शाम करीब 330 खिलाड़ी नियमित अभ्यास करने पहुंचते हैं। मैदान हैं, कोच हैं और खिलाड़ियों का जुनून भी है, लेकिन पर्याप्त बजट के अभाव में खेल व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।

बिजली, रखरखाव और सुरक्षा... दो लाख में आखिर कैसे चलेगा काम
शाला क्रीड़ा संगम के प्रभारी एवं विद्यालय के उपप्रधानाचार्य का कहना है कि पूरे वर्ष के लिए मात्र दो लाख रुपये का बजट मिलता है। इसी राशि से बिजली बिल, मैदानों का रखरखाव, भवनों की मरम्मत, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य खर्च पूरे करने पड़ते हैं। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद कठिन है। कई बार बजट समय पर नहीं मिलने से आवश्यक कार्य भी अटक जाते हैं। उनका कहना है कि खेल गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बजट वर्षों से लगभग नाममात्र का ही है। ऐसे में खिलाड़ियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।

बैडमिंटन हॉल पर विरोधाभासी दावे, शुल्क वसूली पर उठ रहे सवाल
विद्यालय के प्राचार्य आशुतोष मथुरिया का कहना है कि खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। फुटबॉल मैदान का विकास किया जा रहा है, एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जा रहा है तथा हॉकी और बैडमिंटन के लिए इंडोर हॉल भी तैयार किए गए हैं। दूसरी ओर प्रभारी का कहना है कि बैडमिंटन के लिए प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण हॉल बंद है।

हालांकि स्थानीय निवासियों का दावा इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि बैडमिंटन हॉल नियमित रूप से संचालित हो रहा है और इसकी व्यवस्था प्रभारी सुनील गुप्ता संभालते हैं। खिलाड़ियों से प्रति सदस्य 800 रुपये शुल्क लिया जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि शुल्क लिया जा रहा है तो वह राशि किस मद में खर्च हो रही है। जब बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है तो खिलाड़ियों से मिलने वाली इस आय का उपयोग कहां हो रहा है, इसे लेकर पारदर्शिता की मांग उठने लगी है।

Read More कोटा का 'मेजर ध्यानचंद स्टेडियम': 19 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ कायाकल्प

800 रुपये देकर खेलते हैं', खिलाड़ियों ने सुनाई अपनी बात
बैडमिंटन खिलाड़ी रुद्रांश और निश्चित ने बताया कि वे नियमित रूप से यहां अभ्यास करने आते हैं। उनके अनुसार प्रत्येक सदस्य से 800 रुपये लिए जाते हैं और प्रतिदिन करीब एक घंटे का समय खेलने के लिए दिया जाता है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि शुल्क लिया जा रहा है तो उसके अनुरूप सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। वहीं कई खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन यदि खेल परिसरों की देखरेख पर थोड़ा और ध्यान दे तो सीमित संसाधनों में भी काफी सुधार संभव है। उनका मानना है कि सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि खिलाड़ी बिना किसी डर और असुविधा के अभ्यास कर सकें।

Read More असर खबर का : जिला प्रशासन ने जेडीबी आर्ट्स प्राचार्य से मांगा जवाब

तीन साल से जंगल बना कबड्डी मैदान, खिलाड़ी बोले—ऐसे कैसे बनेंगे चैंपियन
कबड्डी खिलाड़ियों की पीड़ा भी कम नहीं है। एक खिलाड़ी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से कबड्डी का मैदान उपेक्षा का शिकार है। मैदान में झाड़ियां और घास उग चुकी हैं, जिससे वहां नियमित अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशिक्षक मैदान ठीक कराने की बात कहते हैं, जबकि प्रभारी बजट की कमी का हवाला देते हैं। इस खींचतान का सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है।

Read More करोड़ों की आधुनिक मोटर मार्केट गंदगी की चपेट में, कचरे से बढ़ा बीमारियों का खतरा

स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि शहर से अच्छे खिलाड़ी निकलें, यह हर किसी की इच्छा है। लेकिन इसके लिए केवल बड़े दावे पर्याप्त नहीं हैं। खेल मैदानों का रखरखाव, पर्याप्त बजट, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ती रहेंगी। वहीं यदि प्रशासन गंभीरता से पहल करे तो यही शाला क्रीड़ा संगम भविष्य में हाड़ौती के खेल मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है।

Post Comment

Comment List

Latest News

जेएनवीएसटी-2027 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 7 अगस्त तक कक्षा 6 में प्रवेश के लिए करें आवेदन जेएनवीएसटी-2027 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 7 अगस्त तक कक्षा 6 में प्रवेश के लिए करें आवेदन
जवाहर नवोदय विद्यालय समिति ने सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि...
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में शुरू हुआ ब्रेस्टफीडिंग कक्ष, विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला
महिलाओं के कपड़े पहन लगाया फंदा, 3 बच्चों के पिता की मौत; पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान का आदिवासी अंचल बनेगा लेक्रोस का नया पावरहाउस, ओलंपिक 2028 के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी
मूक-बधिर विद्यालय में एसीएस स्कूल शिक्षा का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जयपुर : 44 लाख के मकान का लोन बना तनाव की वजह, महिला ने फंदा लगाकर दी जान
ग्राहकों को ऑनलाइन गुमराह करना पड़ा महंगा : 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर CCPA का शिकंजा, 20 लाख का लगाया जुर्माना