बदहाली का शिकार हुआ करोड़ों का अंडरपास, हादसों का भी बढ़ा खतरा
नालियों की जाली व दीवारों से लाइटें हुई गायब
कोटा। शहर के बीच से निकल रहे झालावाड़ रोड हाइवे पर करोड़ों की लागत से बना गोबरिया बावड़ी अंडरपास बदहाली का शिकार हो रहा है। यह अंडरपास अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। इसकी नालियों से लोहे की जाली और दीवारों से सजावटी लाइटें तक गायब हो गई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास द्वारा करीब 25 से 30 करोड़ रुपए की लागत से गोबरिया बावड़ी चौराहे पर अंडरपास का निर्माण कराया गया था। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बने इस अंडरपास से एरोड्राम से अनंतपुरा की तरफ वाहनों का आवागमन आसानी से हो रहा है। वहीं इस चौराहे पर इस तरह से अंडरपास बनाया गया है जिससे इंडस्ट्रीयल एरिया से नए कोटा शहर में भी वाहनों का आवागमन आसानी से हो सके। कोरोना काल में करीब 5 साल पहले बना यह अंडरपास आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
सरकार व केडीए की ओर से शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में यह एक बेहतर प्रयास किया गया। शहर वासियों के साथ ही इस हाइवे से निकलने वाले वाहनों का आवागमन सुविधा जनक हो सके। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों व नशा करने वालों को यह रास नहीं आया। अंडरपास से वाहनों के साथ ही यहां बरसात के समय पानी नहीं भरे इसके लिए नालियां भी बनाई गई। उन नालियों को लोहे की जालियों से ढका गया। जिससे उन नालियों में कचरा व गंदगी नहीं जा सके। साथ ही वाहनों को भी परेशानी नहीं हो। लेकिन हालत यह है कि अंडरपास के दोनों तरफ एरोड्राम से अनंतपुरा जाने वाले व अनंतपुरा से एरोड्राम आने वाले रास्ते पर आधे से अधिक हिस्से की नालियों की जालियां गायब हो गई है। कई जगह पर तो टुकड़ों में बीच-बीच से जालियां चोरी हो गई है।
कचरे से अटी, पत्थर भी टूटे
हालत यह है कि नालियों की जाली चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों व नशेडिय़ों ने उन जालियों को इस तरह से चोरी किया कि उन्हें उखाडऩे के लिए उसके आस-पास के पत्थर तक उखड़े हुए हैं। पूरी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही नालियां खुली होने से ये कचरे से अटी पड़ी हैं। इनकी हालत देखने से ऐसा लग रहा है मानो बरसों से इनकी सफाई ही नहीं हुई हो। मानसून सीजन शुरु होने वाला है। ऐसे में अंडरपास की नालियों से पानी की निकासी नहीं होने पर यहां पानी भरने और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हादसों का भी बढ़ा खतरा
इधर नालियों के बीच-बीच में उनकी सफाई के लिए जोड़ भी छोड़े गए थे। लेकिन उन्हें भी लोहे की जालियों से ढका गया था। हालत यह है कि उन जोड़ तक के ढकान से लोहे की जालियां गायब हो गई। जिससे इन जोड़ का बड़े-बड़े हिस्से खुले पड़े हैं। कई जगह पर तो उनमें लोगों ने गद्दे, कपड़े व अन्य कचरा तक भरा हुआ है। ये जोड़ खुले होने से अचानक व तेज गति से आने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से इनमें गिरने पर बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
सजावटी लाइटें गायब होने से अंधेरा
नालियां ही नहीं अंडरपास के दोनों तरफ दीवारों पर लगाई गई सजावटी लाइटों में से कई लाइटें गायब हो गई है। उन लाइटों को चोरी करने के लिए लगाए गए फ्रेम तक तोड़ दिए हैं। वहीं दीवारों पर लाइटों की चमक के लिए लगाए गए फ्रेम तक की हालत खराब हो रही है। विशेष रूप से अनंतपुरा से एरोड्राम जाने वाले रास्ते पर अंडरपास के मुहाने की हालत अधिक खराब हो रही है। लाइटें गायब होने से यहां रात के समय अंधेरा तक रहने लगा है।
सुरक्षा के हो इंतजाम
लोगों का कहना है कि केडीए की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में आमजन व वाहन चालकों की सुविधा के लिए बेहतर चीज बनाई है। लेकिन लोग उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। अनंतपुरा निवासी मोहम्मद रईस खान का कहना है कि केडीए ने काम अच्छा कराया है। शुरुआत में यहां सुरक्षा के लिए गार्ड भी लगाए थे। लेकिन सरकार बदलने के बाद गार्ड हट गए। जिससे नशेडिय़ों व चोरों को मौका मिल गया। नशे की एक पुडिय़ा के लिए व असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाने का मौका मिल गया। ऐसे में केडीए को यहां सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।
विज्ञान नगर निवासी विवेक नायक का कहना है कि लोगों को समझना होगा कि शहर में जो भी काम हो रहे हैं वह जनता के पैसे से ही हो रहे है। उनकी सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। लेकिन चीज की कद्र करने वाले कम और नुकसान पहुंचाने वाले लोग अधिक हैं। जो चीज एक बार बन गई उसे दोबारा बनाना मुश्किल है। लेकिन जो नुकसान हुआ है उसे सही करवाने के साथ ही यहां सुरक्षा के लिए गार्ड व सीसीटीवी कैमरे भी लगाने चाहिए।
इनका कहना है
शहर में छावनी व विज्ञान नगर फ्लाई ओवर से लाइटें चोरी होने की शिकायत मिल रही थी। इस पर संबंधित थानों में रिपोर्ट दी है। गोबरिया बावड़ी अंडरपास से जाली व लाइटें चोरी होने की रिपोर्ट एसपी को दे रखी है। वहीं एक रिपोर्ट संबंधित थाने में भी दे देंगे। जिससे वहां चोरी करने वालों पर निगाह रखी जा सके। साथ ही केडीए की ओर से भी यहां गार्ड लगाए जाएंगे।
- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव केडीए

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