नए निर्देशों से उजागर हुआ पीपीएफ में निवेश का गणित

डाक विभाग कर रहा खातों की समीक्षा

नए निर्देशों से उजागर हुआ पीपीएफ में निवेश का गणित
अभिभावक और नाबालिग के खातों में कुल 1.50 लाख पर ही मिलेगा ब्याज।

कोटा। यदि आपने अपने नाम के साथ-साथ नाबालिग बेटे या बेटी के नाम पर भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) खाता खुलवा रखा है और दोनों खातों में अलग-अलग 1.50 लाख जमा कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद डाक विभाग ने ऐसे खातों की समीक्षा और नियमितीकरण (रेगुलराइजेशन) की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके चलते कई खाताधारकों को अब यह जानकारी दी जा रही है कि अभिभावक और उसके द्वारा संचालित नाबालिग के पीपीएफ खाते में मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख की जमा राशि पर ही पीपीएफ योजना का ब्याज और अन्य लाभ मिलेगा। अब तक कई निवेशक यह मानकर चल रहे थे कि अपने खाते में 1.50 लाख और नाबालिग बच्चे के खाते में भी 1.50 लाख जमा कर वे दोनों खातों पर अलग-अलग ब्याज का लाभ ले सकते हैं, लेकिन अब वित्त मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के बाद योजना के ब्याज के बारे में नई जानकारी उजागर हुई है। यदि दोनों खातों में मिलाकर 3 लाख जमा किए जाते हैं, तो इस योजना के तहत केवल 1.50 लाख तक की पात्र राशि पर ही ब्याज मिलेगा। अतिरिक्त राशि पर इस योजना के नियमों के अनुसार लाभ नहीं दिया जाएगा।

अधिकांश खाताधारक इस नियम से अनभिज्ञ
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कोई नई बचत योजना नहीं है। यह नियम योजना की शुरुआत के साथ जारी किया गया था, लेकिन खाताधारक इस नियम से अनभिज्ञ थे। अब इस साल वित्त मंत्रालय द्वारा अनियमित पीपीएफ खातों को नियमित करने के सम्बंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विभाग अब ऐसे मामलों की जांच कर रहा है, जहां अभिभावक और नाबालिग के खातों में निवेश निर्धारित सीमा से अधिक पाया जा रहा है। कई खाताधारकों को इस प्रक्रिया के दौरान पहली बार इन नियमों की जानकारी मिल रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पीपीएफ की वार्षिक अधिकतम निवेश सीमा हमेशा से 1.50 लाख रही है। नए निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही अभिभावक अपने खाते और नाबालिग के खाते का उपयोग करके इस सीमा से अधिक निवेश पर पीपीएफ का ब्याज और कर लाभ प्राप्त न कर सके।

ज्यादा ब्याज लिया तो लौटाना पड़ सकता है पैसा
वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में डाक विभाग अब ऐसे पीपीएफ खातों की भी समीक्षा कर रहा है, जिनमें अभिभावक और नाबालिग के खातों में निर्धारित सीमा से अधिक निवेश पर वर्षों तक पीपीएफ ब्याज का लाभ मिलता रहा। जांच में यदि किसी खाताधारक को नियमों के विपरीत अतिरिक्त ब्याज का भुगतान हुआ पाया जाता है, तो डाक विभाग उसकी वसूली (रिकवरी) की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसके लिए संबंधित खाताधारकों को नोटिस जारी कर अतिरिक्त ब्याज राशि जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं कराई जाती है, तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। डाक विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई किसी नई योजना के तहत नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों के अनुपालन में की जा रही है।

इन निवेशकों को रहना होगा सतर्क
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वे परिवार, जिन्होंने वर्षों से अपने और नाबालिग बच्चों के नाम पर अलग-अलग पीपीएफ खातों में 1.50-1.50 लाख जमा किए हैं, उन्हें अपने खाते की स्थिति की जानकारी डाकघर या बैंक से अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। भविष्य में निवेश करते समय वार्षिक पात्र सीमा का ध्यान रखना जरूरी होगा, अन्यथा अतिरिक्त राशि पर अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि पीपीएफ निवेश करने से पहले खाताधारकों को अपने निवेश की वार्षिक सीमा की समीक्षा करनी चाहिए। यदि अभिभावक और नाबालिग दोनों के नाम पर खाते हैं, तो कुल निवेश 1.50 लाख से अधिक न करें। यदि पहले से अधिक राशि जमा हो रही है, तो संबंधित डाकघर या बैंक से संपर्क कर अपने खाते की स्थिति स्पष्ट करा लें, ताकि भविष्य में ब्याज या अन्य लाभ को लेकर किसी प्रकार का विवाद न हो।

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क्या कहते हैं नियम
-एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक ही पीपीएफ खाता मान्य है।
-नाबालिग बच्चे के नाम पर पीपीएफ खाता उसके माता, पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा संचालित किया जा सकता है।
-अभिभावक के अपने पीपीएफ खाते और उसके द्वारा संचालित नाबालिग के पीपीएफ खाते में मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख की जमा राशि ही पीपीएफ ब्याज और कर लाभ के लिए पात्र होगी।
-अधिक जमा राशि पर पीपीएफ योजना के लाभ नहीं मिलेंगे और मामले का निस्तारण नियमानुसार किया जाएगा।

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डाक विभाग ने पीपीएफ खातों की समीक्षा और नियमितीकरण (रेगुलराइजेशन) की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके चलते कई खाताधारकों को अब यह जानकारी दी जा रही है कि अभिभावक और उनके द्वारा संचालित नाबालिग के पीपीएफ खाते में मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख की जमा राशि पर ही ब्याज और अन्य लाभ मिलेगा। निर्धारित सीमा से अधिक निवेश पर वर्षों तक पीपीएफ ब्याज लेने वाले खातों की भी जांच की जा रही है।
-मनीष चौरसिया, हेड पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर नयापुरा कोटा

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