किडनी ट्रांसप्लांट में लापरवाही से मरीज की मौत, दो चिकित्सक सहित चार के खिलाफ एफआईआर
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
कोटा। 13 वर्ष पुराने संक्रमित किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े कथित चिकित्सकीय लापरवाही और धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के आदेश पर जवाहर नगर पुलिस ने अहमदाबाद के दो चिकित्सक सहित चार जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवादी योगेन्द्र सिंह हाड़ा ने आरोप लगाया कि उनके पिता कल्याण सिंह हाड़ा को संक्रमित किडनी प्रत्यारोपित की गई, जिससे ऑपरेशन के कुछ माह बाद उनकी मृत्यु हो गई। मामले में चिकित्सकों पर गंभीर तथ्यों को छिपाने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाया गया है।
एएसआई भोपाल सिंह ने बताया कि अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-4 उत्तर, कोटा से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर अहमदाबाद निवासी राम सिंह रायसंगभाई परमार, धर्मेन्द्र सिंह परमार तथा अहमदाबाद स्थित जीआर के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर, बीजे मेडिकल कॉलेज एवं सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद के चिकित्सक डॉ. विवेक कुटे और डॉ. हिमांशु पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवादी ने बताया कि उन्होंने 13 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक कोटा शहर को भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में इस्तगासा दायर किया गया। न्यायालय के आदेश पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
परिवादी का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही उनके पिता को गंभीर संक्रमण और डायरिया हो गया। इलाज के दौरान एक नर्स की ओर से बिना समुचित जांच के दवा देने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।

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