घर-घर कचरा संग्रहण, फिर भी सड़कों पर लगा कचरे का ढेर

सर्वेक्षण टीम के सुझाव के बाद भी कम नहीं हुए कचरा पॉइंट

घर-घर कचरा संग्रहण, फिर भी सड़कों पर लगा कचरे का ढेर

शहर में सुबह-शाम सफाई होने के बाद भी गंदगी नजर आ रही है

कोटा। दृश्य 1- छावनी चौराहे पर एलआईसी बिल्डिंग के सामने नगर निगम का घोषित कचरा पॉइंट बना हुआ है। जबकि यहां एलआईसी व बैंक समेत कई कार्यालय व होटल होने से यहां दिनभर लोगों को कचरे का सामना करना पड़ रहा है। 

दृश्य 2- गुमानपुरा मल्टी परपज स्कूल के मुख्य द्वार के पास ही निगम का कचरा पाइंट बना हुआ है। जहां निगम का डस्टीन भी रखा हुआ है। इस जगह पर दिनभर कचरे का ढेर लगा रहता है। जिससे गुमानपुरा जैसे मुख्य बाजार में आने वालों को उसका सामना करना पड़ तहा है। 

दृश्य 3- पुरानी सब्जीमंडी में न्यू क्लॉथ मार्केट के सामने मेन रोड पर ही कचरा पॉइंट  बना हुआ है। हालांकि पूर्व  में इसे यहां से साफ कर दिया था। लेकिन फिर से यहां कचरा पॉइंट बनने से दिनभर कचरे का ढेर लगा रहता है। जिससे इस व्यस्त बाजार में आने वालों को कचरे के ढेर से दोचार होना पड़ रहा है।

ये तो उदाहरण है शहर की उस स्थिति को बताने के लिए जो सड़क पर कचरा पड़ा रहने से बन रही है। ऐसे कई स्थान हैं जहां निगम ने घोषित कचरा पॉइंट बनाए हुए हैं। वहां दिनभर कचरे के ढेर देखे जा सकते है। जो लोगों के लिए बीमारी फेलाने का कारण तो न ही रहे हैं साथ ही शहर की सुंदरता में भी ग्रहण लगा रहे हैं। शहर में दो-दो नगर निगम होने और घर-घर कचरा संग्रहण करने के बाद भी सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिससे सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सफाई नजर नहीं आ रही है। शहर में यह कचरा मेन रोड पर तो नजर आ ही रहा है। साथ ही अधिकतर नगर निगम की ओर से बनाए गए कचरा पॉइंट पर भी नजर आ रहा है। वर्तमान में गर्मी के सीजन में तेज हवा चलने से यह कचरा पूरी जगह पर फेल रहा है। ऐसे में शहर में सुबह-शाम सफाई होने के बाद भी गंदगी नजर आ रही है। 

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हर वार्ड में दो टिपरों से हो रहा कचरा संग्रहण
शहर में कोटा उत्तर व दक्षिण नगर निगम है। दोनों निगमों में स्थायी सफाई कर्मचारियों के अलावा संविदा पर भी सफाई कर्मचारी हर वार्ड में लगाए हुए हैं। इसके अलावा घर-घर कचरा संग्रहण का काम टिपरों के माध्यम से किया जा रहा है। दोनों निगमों के हर वार्ड में दो-दो टिपर लगे हुए हैं। ये टिपर-घर-घर घूमकर कचरा एकत्र कर रहे है। इन टिपरों के माध्यम से कचरे को सीधे ट्रांसफर स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। लेकिन उसके बाद भी नगर निगम की ओर से हर वार्ड में 3 से 4 जगहों पर घोषित कचरा पॉइंट बनाए हुए हैं। जहां निगम कर्मियों के साथ ही आमजन भी कचरा डाल रहे है। हालांकि उन कचरा पॉइंट से कचरा उठाने का निगम ने ठेका दिया हुआ है। यह कचरा समय पर नहीं उठने से दिनभर कचरा पॉइंट पर पड़ा रहने से हवा के साथ चारों तरफ फेल रहा है। जिससे गंदगी और अधिक नजर आ रही है। 

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गिनती के ही कचरा पॉइंट किए कम
नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि निगम के स्तर पर  मेन रोड से कचरा पॉइंट कम तो किए हैं लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। कोटा उत्तर  में नयापुरा और नदी पार क्षेत्र में दो कचरा पॉइंट खत्म किए हैं। वहीं कोटा दक्षिण में महावीर नगर स्थित सम्राट चौराहे का कचरा पॉइंट खत्म किया है। वहीं इस क्षेत्र के चार-पांच कचरा पाइंट को एक करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कोटा दक्षिण में मेन रोड लम्बे होने से कचरा पॉइंट कम करने में समस्या आ रही है। 

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सर्वेक्षण टीम ने दिया था सुझाव
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहर में सफाई का भौतिक सत्यापन करने आई केन्द्रीय टीम ने इस बार दोनों निगम क्षेत्रों में 4 से 5 दिन का सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद वापस लौटने से पहले टीम के सदस्यों ने निगम अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान टीम सदस्यों ने निगम आयुक्तों को सुझाव दिया था कि जब निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है तो फिर कचरा सड़क पर डलना ही नहीं चाहिए। लेकिन हालत यह है कि टीम के सुझाव देने के बाद भी अभी तक निगम ने कचरा पॉइंट कम करने का कोई प्रयास नहीं किया। 

उत्तर-दक्षिण में 150 वार्ड
नगर निगम कोटा उत्तर में 70 और दक्षिण में 80 वार्ड हैं। इन सभी वार्डों में नगर निगम की ओर से 3 से 4 कचरा पॉइंट बनाए हुए हैं। जहां लोग कचरा डाल रहे हैं। जानकारी के अनुसार उत्तर में कम से कम 300 और दक्षिण में करीब 200 से अधिक कचरा पॉइंट है। 

इनका कहना है
कचरा पॉइंट कम करने का काम निगम अधिकारियों का है। अधिकारी ही सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते है। आदेश भी अधिकारी ही जारी करते है। वैसे कचरा पॉइंट कम होंगे तो सड़क पर कचरा कम दिखेगा। कचरा कम आने से सफाई भी अधिक नजर आएगी। 
- राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण

शहर में कचरा पॉइंट कम से कम होने चाहिए।  जिससे सड़क पर कचरा डले ही नहीं। लेकिन  सड़क पर व कचरा पॉइंट पर अधिकतर कचरा कमर्शियल वेस्ट का डल रहा है। दुकानदारों व मैस होटल वालों के कचरे को देखकर ही कई लोग भी सड़क पर कचरा डाल देते है। यदि निगम की ओर से कमर्शियल वेस्ट को संग्रह करने का काम शुरु किया जाए तो कचरा सड़क पर ही डलेगा ही नहीं।  
- पवन मीणा, उप महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण

कचरा पॉइंट तो होने ही नहीं चाहिए। लेकिन कई जगह पर वार्ड में दूरी अधिक होने पर निगम की ओर से एक निर्धारित स्थान चिन्हित कियाजाता है। जहां कचरा डलने पर निगम द्वारा संवेदक के माध्यम से उसे उठवाया भी जाता है। लेकिन कचरा पॉइंट से कचरा समय पर नहीं उठने से गंदगी अधिक नजर आती है। यदि समय पर कचरा उठता रहे तो गंदगी नजर ही नहीं आएगी। 
- लव शर्मा, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम कोटा उत्तर 

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