voice of youth : हुनरमंद युवा के सामने रोजगार की कमी नहीं, कौशल बनेगा कमाई का सबसे बड़ा जरिया

नौकरी के इंतजार से बेहतर खुद के रोजगार की शुरुआत

voice of youth : हुनरमंद युवा के सामने रोजगार की कमी नहीं, कौशल बनेगा कमाई का सबसे बड़ा जरिया
डिग्री के पीछे भागने के बजाय अपनी रुचि और हुनर को पहचानें युवा।

कोटा। आज के दौर में वास्तव में बेरोजगारी है अथवा कौशल की कमी। दैनिक नवज्योति के 'वॉयस ऑफ यूथ' में युवाओं ने रोजगार और बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब युवाओं अपनी पसंद के क्षेत्र में कौशल विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।

कौशल विकसित करें, रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे
बेरोजगारी की समस्या जरूर है, लेकिन युवाओं को केवल नौकरी के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। यदि किसी युवा को कोई काम अच्छी तरह आता है तो वह अपने हुनर को कारोबार में बदल सकता है। आज कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें प्रशिक्षण लेकर खुद का काम शुरू किया जा सकता है। जरूरी यह है कि युवा अपनी रुचि के अनुसार किसी एक कौशल को चुने और उसमें लगातार सुधार करे। अच्छे अंक और डिग्री के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी है। युवा अपने हुनर को पहचान लें तो उन्हें रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
-खुशी रावल, कॉलेज स्टूडेंट

माता-पिता बच्चों पर अपनी पसंद का करियर न थोपें
युवाओं के बेरोजगार रहने के पीछे माता-पिता की अपेक्षाएं भी एक कारण हो सकती हैं। कई परिवार चाहते हैं कि उनके बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर ही बनें। कुछ माता-पिता की इच्छा होती है कि बच्चे पढ़-लिखकर ऊंचे सरकारी पदों पर पहुंचें लेकिन हर बच्चे की क्षमता और रुचि अलग होती है। जब युवा अपनी पसंद के बजाय परिवार की अपेक्षाओं के दबाव में करियर चुनते हैं तो उन्हें कई बार परेशानी होती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की प्रतिभा पहचानें और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। रुचि के काम में युवा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं।
-प्रदीप मीणा, कॉलेज स्टूडेंट

कम वेतन की नौकरी से बेहतर कौशल आधारित स्वरोजगार
आज युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन सभी को सफलता नहीं मिल पाती। कई युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी तो मिल जाती है, लेकिन शुरुआती वेतन उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुसार नहीं होता। ऐसे में निराश होकर घर बैठने के बजाय युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण लेना चाहिए। वे अपनी पसंद का कोई काम सीखकर उसे व्यवसाय के रूप में शुरू कर सकते हैं। आज तकनीक और बाजार में कई नए अवसर उपलब्ध हैं। यदि युवा अपने काम में दक्षता हासिल कर लें तो वे अच्छी कमाई कर सकते हैं।
-रश्मि पारेता, कॉलेज स्टूडेंट

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रुचि के अनुसार काम चुनें, किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे
यदि कोई युवा पढ़-लिख गया है और उसे नौकरी नहीं मिल रही तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पास आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है। उसे घर बैठने के बजाय अपनी रुचि के अनुसार कोई काम सीखना चाहिए। इसके लिए कुछ समय प्रशिक्षण लेने की जरूरत पड़ सकती है। इसके बाद वह छोटे स्तर से अपना रोजगार शुरू कर सकता है। शुरुआत में कम कमाई हो सकती है, लेकिन अनुभव और मेहनत के साथ काम को आगे बढ़ाया जा सकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि रोजगार का मतलब केवल किसी कंपनी या सरकारी विभाग में नौकरी करना नहीं है। खुद का काम करना भी सम्मानजनक और बेहतर करियर हो सकता है।
-ललित मीणा, कॉलेज स्टूडेंट

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