सरकारी जांच प्रक्रिया के इंतजार में दब गई उम्मीद

खाद्य सुरक्षा योजना में ऑनलाइन आवेदन किया था,अभी तक नहीं हो पाई जांच

सरकारी जांच प्रक्रिया के इंतजार में दब गई उम्मीद

खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए जिले के करीब डेढ़ लाख से अधिक लाभार्थी तीन माह से इंतजार कर रहे हैं। नए लाभार्थियों ने ईमित्रों के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए आॅनलाइन आवेदन किया था। अब तक आवेदनों फॉर्मो की जांच नहीं हो पाई है।

कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए जिले के करीब डेढ़ लाख से अधिक लाभार्थी तीन माह से इंतजार कर रहे हैं। नए लाभार्थियों ने ईमित्रों के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए आॅनलाइन आवेदन किया था। अब तक आवेदनों फॉर्मो की जांच नहीं हो पाई है। इस कारण लाभार्थी सरकारी राशन के लिए तरस रहे हैं। कोटा जिले में काफी संख्या में लोग पात्र होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ वंचित हो रहे थे। ऐसे में लोगों को योजना का लाभ देने के लिए करीब दो साल बाद अप्रेल 2022 में खाद्य सुरक्षा का पोर्टल खोला गया था। इसकी अवधि केवल 12 दिन ही होने से हजारों लोग जानकारी के अभाव में पोर्टल के माध्यम से आवेदन नहीं कर पाए थे। इसके बाद 28 मई तक पोर्टल खोलकर आॅनलाइन आवेदन लिए गए। इस अवधि में कोटा जिले के लगभग डेढ़ लाख लोगों ने आॅनलाइन आवेदन किए थे। आवेदन फार्म जमा हुए तीन माह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इनकी जांच नहीं हो पाई है। इस कारण लाभार्थी परिवारों को अभी तक सरकारी राशन नहीं मिल पाया है। रोजाना लगा रहे चक्कर आॅनलाइन आवेदन जमा करवाने के बाद प्राथी ईमित्र केन्द्रों पर रोजाना चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। कई लोग रसद विभाग कार्यालय में जानकारी करने पहुंचते हैं। इसके बावजूद नाम जुड़ने के सम्बंध में कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इससे पात्र लोगों को बाजार से महंगी दर पर राशन सामग्री खरीदनी पड़ रही है। इस सम्बंध में ईमित्र संचालकों का कहना है कि उनके पास खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने की कोई जानकारी रसद विभाग से नहीं मिल रही है। अभी तक आवेदन फॉर्मो की जांच नहीं हो पाई है। तो इनका नहीं बनेगा कार्ड नए आवेदनों में यदि किसी परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपए से ज्यादा है तो वह खाद्य सुरक्षा योजना में चयन के लिए अपात्र होगा। सरकार ने अपात्रता के लिए छह श्रेणियां निर्धारित की है। इसमें आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता होने, परिवार का सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी, स्वायत्तशासी संस्था में नियमित कर्मचारी होने, एक लाख रुपए से ज्यादा पेंशन, चौपहिया वाहन, नगर परिषद क्षेत्र में एक हजार वर्ग फीट और नगर पालिका क्षेत्र में 1500 वर्ग फीट पक्का आवासीय या व्यावसायिक परिसर और ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्ग फीट से बड़ा मकान होने पर अपात्र माना जाएगा। यह है अधिनियम राज्य में राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2 अक्टूबर 2013 से लागू किया गया था। पात्र परिवारों का चयन राज्य सरकार करती है। राज्य में राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अधिसूचित मापदंडों के अनुरूप पात्र परिवारों का चयन 32 समावेशन श्रेणियों और 7 निष्कासन श्रेणियों के मापंदडों के आधार पर अपील प्रक्रिया से किया जाता है। राज्य सरकार के आवेदन फॉर्मो की जांच के सम्बंध में अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद फॉर्मो की जांच का काम शुरू कर दिया जाएगा। - नीलकमल, प्रवर्तन निरीक्षक रसद विभाग

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