बांग्लादेश चुनाव: भारत विरोधी जमात-ए-इस्लामी का बड़ा दांव, 11 दलों संग महागठबंधन
फरवरी चुनाव से पहले बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर
बांग्लादेश में अगले महीने, फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी जोड़तोड़ तेज हो गया है। खासतौर से जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व में बन रहा बड़ा गठबंधन ध्यान खींच रहा है।
ढाका। बांग्लादेश में अगले महीने, फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी जोड़तोड़ तेज हो गया है। खासतौर से जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व में बन रहा बड़ा गठबंधन ध्यान खींच रहा है। जमात और एनसीपी सहित 11 पार्टी मिलकर गठबंधन बना रही हैं। ये गठबंधन तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, जिनको शेख हसीना की गैरहाजिरी में सबसे मजबूत नेता माना जा रहा है। वहीं भारत के लिए भी इस तरह का मजबूत एलायंस चिंता बढ़ाएगा क्योंकि जमात का भारत विरोध का पुराना इतिहास है। वहीं छात्रों के नेतृत्व वाली एनसीपी का मिजाज भी एंटी इंडिया रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, 11-दलीय गठबंधन सीट बंटवारे के मामले में नतीजे के पास पहुंच गया है। लंबी चर्चा के बाद गठबंधन के नेता सभी 300 निर्वाचन क्षेत्रों में साथ मिलकर लड़ने की बात कह रहे हैं। 20 जनवरी से पहले इसका ऐलान हो सकता है। 20 जनवरी ही नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है।
जल्द ही गठबंधन का होगा ऐलान
11-दलीय इस गठबंधन में जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी अंदोलन बांग्लादेश (कअइ) और एनसीपीके अलावा बांग्लादेश खिलाफत मजलिस, बांग्लादेश खिलाफत अंदोलन, आमार बांग्लादेश पार्टी, बांग्लादेश निजाम-ए-इस्लाम पार्टी, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (छऊढ), जातीय गणतांत्रिक पार्टीऔर बांग्लादेश डेवलपमेंट शामिल है। इन दलों का अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभाव है। जमात के नेता अहसानुल महबूब जुबैर ने द डेली स्टार से कहा कि गठबंधन पर चीजें तकरीबन फाइनल हो गई है। जल्दी ही संयुक्त रूप से इसकी जाएगी। इस्लामी अंदोलन बांग्लादेश के संयुक्त महासचिव अशरफुल आलम, बांग्लादेश खेलाफत मजलिस के महासचिव मौलाना जलालुद्दीन अहमद और एनसीपी नेताओं ने भी ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन जाने की बात कही है।
नाम वापस लेंगे उम्मीदवार
बांग्लादेश के 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए अभी तक जमात ने 276 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस्लामी अंदोलन ने 268 सीटों पर, एनसीपी ने 44 सीटों पर, एबी पार्टी ने 53 सीटों पर, बांग्लादेश खेलाफत मजलिस ने 94 सीटों पर और खेलाफत मजलिस ने 68 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन का ऐलान होने के बाद बाकी उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लेंगे। यानी अगर कोई सीट जमात के हिस्से में आती है तो गठबंधन की बाकी 9 पार्टियों में से जिनके उम्मीदवार उस सीट पर होंगे, वह नाम वापस ले लेंगे।
गठबंधन में जमात को सबसे ज्यादा और उसके बाद एनसीपी को सीटें मिलने की संभावना है। घोर दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी इस गठबंधन में प्रमुख भूमिका निभा रही है। बीएनपी के साथ भी जमात के तालमेल की बात सामने आई थी। हालांकि बीएनपी के साथ उसकी बात नहीं बन सकी। जमात अब अपने साथ 10 और दलों को जोड़कर चुनाव में एक मजबूत ताकत बनने की ओर ध्यान दे रही है।

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