अमेरिका: न्यूयॉर्क में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ भारी प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे हजारों लोग
ICE एजेंट की गोलीकांड के खिलाफ न्यूयॉर्क में जनआक्रोश
न्यूयॉर्क में हजारों लोगों ने रेनी गुड की ICE एजेंट द्वारा हत्या के विरोध में मार्च निकाला, ट्रंप प्रशासन, निर्वासन नीति और वेनेजुएला कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए।
न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क में हजारों प्रदर्शनकारियों ने मिनियापोलिस में रेनी गुड नाम की महिला की 'आइस' एजेंट के हाथों हुई हत्या के खिलाफ सेंट्रल पार्क से लेकर मैनहट्टन तक मार्च निकाला और ट्रंप प्रशासन का विरोध किया। उल्लेखनीय है कि एक आव्रजन एवं सीमाशुल्क प्रवर्तन (आइस) एजेंट ने मिनेसोटा के मिनियापोलिस शहर में बुधवार को कार में बैठी 37 वर्षीय महिला पर गोली चलाई थी, जिससे उसकी जान चली गयी थी। इस घटना के बाद विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी सहित समाज के कई तबकों ने आइस और ट्रंप प्रशासन की आलोचना की है। न्यूयॉर्क में रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन में रेनी गुड की हत्या के साथ-साथ राष्ट्रपति ट्रंप की सामूहिक निर्वासन नीतियों और वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का भी विरोध किया गया।
बता दें कि रैली रविवार दोपहर को सेंट्रल पार्क के दक्षिण-पूर्वी कोने से शुरू हुई और शहर में भीड़ के आगे बढऩे के साथ शांतिपूर्ण रही। कई स्थानीय नेता प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने जवाबदेही और निर्वासन सुधार के लिए प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन किया।
कई प्रदर्शनकारी फिफ्थ एवेन्यू पर मार्च कर रहे थे। उन्होंने ट्रंप टावर के पास से गुजरते हुए वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई और मौजूदा संघीय नीतियों की आलोचना करने वाले पोस्टर पकड़ रखा था। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कोई राजा नहीं, कोई आइस नहीं, और कोई युद्ध नहीं के नारे लगाये। दोपहर 2:30 बजे तक विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और पुलिस के दखल की कोई खबर नहीं थी।
ये विरोध प्रदर्शन इस महीने की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद बढ़े तनाव के बीच हो रहे हैं। अमेरिका ने तीन जनवरी को एक अभियान शुरू कर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया, जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि उन पर नार्को-आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा।
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को हस्तांतरित कर दी, जिन्होंने 5 जनवरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। रूस, चीन और उत्तर कोरिया ने अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की। रूस ने मादुरो और उनकी पत्नी की रिहाई की मांग की और आगे तनाव बढऩे के खिलाफ चेतावनी दी। इसी तरह के प्रदर्शन अमेरिका के दूसरे शहरों में भी हुए। लॉस एंजिल्स में शनिवार शाम को आइस के खिलाफ देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के हिस्से के तौर पर एकत्र हुए। सीएनएन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने यहां उल्टे अमेरिकी झंडे और हाथ से बने आइस विरोधी पोस्टर दिखाए।

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