अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की शांति बोर्ड की घोषणा, गाजा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत
ट्रंप ने 'पीस बोर्ड' बनाकर शांति योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की
राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और विसैन्यीकरण हेतु 'पीस बोर्ड' का गठन किया, जो नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार की निगरानी करेगा।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा की निगरानी के लिए शांति बोर्ड के गठन की घोषणा की है। यह घोषणा इजरायल और हमास के बीच दो साल के संघर्ष के पश्चात हुए संघर्ष विराम के कुछ महीने बाद की गई है। गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी 20 सूत्री शांति योजना के दूसरे चरण के रूप में राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम से अपना ध्यान हटाकर विसैन्यीकरण, तकनीकी शासन एवं पुनर्निर्माण पर केंद्रित किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने आधिकारिक रूप से गाजा शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है जिसका मुख्य कारण संघर्ष विराम के दौरान वितरित की गई मानवीय सहायता का रिकॉर्ड स्तर है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, संघर्ष विराम के बाद से लगातार मेरी टीम ने गाजा में रिकॉर्ड स्तर की मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद की है जिससे ऐतिहासिक गति से बड़ी संख्या में नागरिकों तक सहायता पहुंची है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, मुझे घोषणा करते हुए अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है कि शांति बोर्ड का गठन हो चुका है। बोर्ड के सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी, लेकिन मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि यह अब तक किसी भी समय, किसी भी स्थान पर गठित किया गया सबसे महान एवं प्रतिष्ठित बोर्ड है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ का हवाला देते हुए घोषणा किया कि हमने आधिकारिक रूप से गाजा की 20 सूत्री शांति योजना के अगले चरण में प्रवेश कर लिया है। राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, शांति बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, मैं बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि द्वारा समर्थित नवगठित फिलस्तीनी तकनीकी सरकार, नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा का समर्थन करता हूं ताकि गाजा में संत्ता हस्तांतरण काल के दौरान उसका शासन संभाला जा सके। फिलिस्तीनी नेता शांतिपूर्ण भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिस्र, तुर्की और कतर के समर्थन से अमेरिका हमास के साथ एक व्यापक विसैन्यीकरण समझौता सुरक्षित करेगा जिसमें सभी हथियारों का आत्मसमर्पण और सभी सुरंगों को नष्ट करना शामिल है। उन्होंने आगे कहा, हमास को तुरंत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए जिसमें इजरायल को अंतिम शव लौटाना भी शामिल है और बिना किसी देरी के पूर्ण रूप से सैन्य निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है वे इसे आसान या कठिन तरीके से कर सकते हैं। गाजा के लोग बहुत लंबे समय से पीड़ा झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि शक्ति के बल पर शांति की स्थापना हो।
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प की योजना के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की और पुष्टि की है कि क्षेत्र में एक तकनीकी-प्रधान फिलिस्तीनी सरकार की स्थापना की जा रही है। विटकॉफ ने कहा कि पहले चरण के अंतर्गत, हमास और इजरायल अक्टूबर में युद्धविराम, बंधकों की अदला-बदली, इजरायल की आंशिक वापसी और मानवीय सहायता में वृद्धि पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में गाजा का पुनर्निर्माण एवं पूर्ण विसैन्यीकरण शामिल है जिसमें हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों का निरस्त्रीकरण भी शामिल है।
विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका हमास से अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करने की उम्मीद करता है। उन्होंने आगे कहा कि इनमें अंतिम मृत इजरायली बंधक के शव की वापसी भी शामिल है और ऐसा करने में विफल रहने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद, जेरेड कुशनर ने इस घोषणा की सराहना की, जो मध्य पूर्व पर विशेष सलाहकार के रूप में विटकॉफ के साथ काम कर चुके हैं। दूसरे चरण के दो प्रमुख तत्व हालांकि समस्या उत्पन्न करने वाला साबित हो सकते हैं। हमास ने पहले एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण के बिना अपने हथियार छोडऩे से इनकार कर दिया था जबकि इजरायल ने गाजा से पूर्ण रूप से पीछे हटने की कोई प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की है।

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