मेला समिति ने उड़ाई अपने ही निर्णय की धज्जियां

कलाकार के साथ मंच पर खिंचवाई फोटो

मेला समिति ने उड़ाई अपने ही निर्णय की धज्जियां

महापौर व मेला समिति सदस्य राजीव अग्रवाल से जब जानकारी चाही कि वे मेला समिति की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और मेला उद्घाटन में भी शामिल नहीं हुए। इस पर उन्होंने कहा कि वे मेला समिति का अध्यक्ष बनने से नाराज नहीं है। वे बैठकों में शामिल भी हो रहे हैं। उनकी नाराजगी समिति के सदस्यों द्वारा बंद कमरों में लिए गए निर्णयों व बंदरबाट से है।

कोटा। नगर निगम मेला समिति द्वारा लिए गए स्वयं के निर्णय की मेले के पहले ही दिन उद्घाटन में धज्जियां उड़ाई गई। समिति अध्यक्ष समेत कई सदस्यों ने मंच पर कलाकार के साथ फोटो खिचवाए। मेला समिति की अध्यक्ष व कोटा उत्तर की महापौर मंजू मेहरा की अध्यक्षता में गत दिनों हुई मेला समिति की बैठक हुई थी। जिसमें समिति सदस्यों ने निर्णय लिया था कि मेले के दौरान कार्यक्रमों में आने वाले कलाकारों के साथ कोई भी फोटो नहीं खिचवाएगा चाहे पार्षद हो या अधिकारी।  जिससे कलाकार जनता के मनोरंजन के लिए ’यादा समय निकाल सके। हालांकि समिति के सदस्यों द्वारा लिए गए इस निर्णय से समिति के ही सदस्य व कोटा दक्षिण निगम के महापौर राजीव अग्रवाल सहमत भी नहीं थे। समिति के सदस्यों द्वारा कलाकारों के साथ फोटो नहीं खिचवाने के निर्णय को अभी अधिक दिन भी नहीं हुए कि मेला उद्घाटन के दौरान ही सोमवार को उस निर्णय की धज्जियां समिति की अध्यक्ष मंजू मेहरा व सदस्यों ने सबके सामने उड़ाई। मेला उद्घाटन में कार्यक्रम प्रस्तुत करने आए कलाकार गाजी खां व उनके पुत्र सरताज खां के साथ समिति अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों जिनमें उप महापौर सोनू कुरैशी व सदस्य अनिल सुवालका समेत कई सदस्य शामिल है ने मंच पर फोटो खिचवाए। जिसे देखकर कई पार्षदों ने आपत्ती भी जताई। इस बारे में जब नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर व मेला समिति के सदस्य राजीव अग्रवाल से बात की तो उनका कहना है कि समिति के सदस्यों ने जिस बैठक में यह निर्णय लिया था उसमें वे शामिल नहीं थे। लेकिन उसके बाद मेला समिति की जो बैठक हुई थी। उसमें उन्होंने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वे समिति के इस निर्णय से सहमत नहीं है। उसके बाद भी मेला उद्घाटन में मेला समिति के सदस्यों द्वारा कलाकार के साथ फोटो खिचवाना पार्षदों का अपमान है।

समिति की बंदरबाट से नाराजगी, मेले से बनाई  दूरी
इधर महापौर व मेला समिति सदस्य राजीव अग्रवाल से जब जानकारी चाही कि वे मेला समिति की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और मेला उद्घाटन में भी शामिल नहीं हुए। इस पर उन्होंने कहा कि वे मेला समिति का अध्यक्ष बनने से नाराज नहीं है। वे बैठकों में शामिल भी हो रहे हैं। सिर्फ एक बैठक में शामिल नहींं हुए थे। उस दिन वे दो अंतिम संस्कारोंÞ में गए हुए थे। पहले किशोरपुरा व बाद में रामपुरा जिसमें उन्हें शाम हो गई थी। वहीं दुर्गा पूजन व उद्घाटन के समय भी वे सुबह गौशाला में पूजा कार्यक्रम में गह थे। उसके बाद अग्रसेन जयंती के कार्यक्रम में और फिर रात को आरकेपुरम् की रामलीला में गए थे। वहां समय अधिक हो गया था। लेकिन वे मेला उद्घाटन के बाद निगम कार्यालय में हुए भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अग्रवाल ने बताया कि वे मंगलवार को भी गौशाला गए थे। उनकी नाराजगी अध्यक्ष पद को लेकर नहीं है। उनकी नाराजगी समिति के सदस्यों द्वारा बंद कमरों में लिए गए निर्णयों व बंदरबाट से है। जिसमें जब सब कुछ सदस्यों ने ही तय कर लिया तो फिर उनकी क्या जरूरत है। इस कारण से उन्होंने मेले से दूरी बनाई हुई है। 

इनका कहना है
मेला समिति ने जनता के हित में निर्णय लिया था। जिससे कलाकार कार्यक्रम को अधिक समय दे सके। उद्घाटन के बाद रामलीला शुरू करवाने के लिए सभी सदस्य मंच पर गए थे। लेकिन उस समय तक कलाकारों के तैयार नहीं होने से उसमें समय लग रहा था। उद्घाटन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कलाकार भी मंच पर ही थे। इस कारण से सभी ने समय का फायदा उठाते हुए फोटो खिचवा लिया था। लेकिन प्रयास किया जा रहा  है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे पार्षदों का सम्मान बना रहे। कलाकारों के साथ अलग से समय लेकर मुलाकात की जा सके। समिति द्वारा किसी भी पार्षद का अपमान करने की कोई भावना नहीं थी। 
-मंजू मेहरा, अध्यक्ष मेला समिति 

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