केंद्र का पंजाब सरकार पर बड़ा हमला, सिरसा बोले- पराली जलाने के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही मान सरकार
राजनीतिक पृष्ठभूमि और रिश्तेदारी को लेकर उठाए मुद्दे
नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर पराली जलाने के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है। सिरसा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब सरकार एक तरफ विज्ञापनों के माध्यम से राज्य में पराली नहीं जलाये जाने का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर पराली जलाने के आरोप में किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं से इनकार करने के लिए करीब 20 से 25 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किये गये हैं।
उन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रीना गुप्ता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी गैर-पंजाबी, गैर-आईएएस और गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। उनके मुताबिक, रीना गुप्ता पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता थीं और अब उन्हें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। सिरसा ने आरोप लगाया कि वह अरविंद केजरीवाल की करीबी रिश्तेदार बतायी जाती हैं और उन्हें दिल्ली से लाकर पंजाब में यह जिम्मेदारी दी गयी है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि उनके पास पंजाब के अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों का पूरा रिकॉर्ड है, जिसे मीडिया के सदस्यों के साथ साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार 25 करोड़ रुपये खर्च कर यह प्रचार कर रही है कि पंजाब में पराली नहीं जलायी जा रही, जबकि दूसरी तरफ किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे पंजाब सरकार के दावों और जमीनी स्थिति के बीच विरोधाभास बताया।
सिरसा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार दिल्ली के साथ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने मिलकर वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनके अनुसार, इस वर्ष दिल्ली में 220 दिन स्वच्छ वायु वाले दर्ज किए गए, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अक्टूबर 2023 पिछले दस वर्षों का सबसे स्वच्छ अक्टूबर रहा। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए।

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