कर्नाटक उपचुनाव परिणाम : बागलकोट में कांग्रेस आगे, दावणगेरे में भाजपा एवं कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर
कर्नाटक उपचुनावों की मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी ने बागलकोट सीट पर 10,000+ वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली है। वहीं, दावणगेरे दक्षिण में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर जारी है। कड़ी सुरक्षा और EVM निगरानी के बीच हो रही इस गिनती में बागलकोट के रुझान कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट दिख रहे हैं।
बेंगलुरु। कर्नाटक में सोमवार को हो रही विधानसभा उपचुनावों की मतगणना में कांग्रेस ने बागलकोट सीट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहाँ उसकी बढ़त का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर, दावणगेरे दक्षिण सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच बेहद कड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहाँ भाजपा मामूली अंतर से आगे चल रही है। बागलकोट सीट पर 13 दौर की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के वीरभद्रैया चरंतिमठ से काफी आगे निकल गए हैं। श्री मेटी को अब तक 53,849 वोट मिले हैं, जबकि श्री चरंतिमठ को 43,528 वोट प्राप्त हुए हैं। इस तरह कांग्रेस यहाँ 10,321 वोटों की बड़ी बढ़त बनाए हुए है। बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रही इस मतगणना के रुझान लगातार कांग्रेस के पक्ष में बने हुए हैं। नौवें दौर तक कांग्रेस की यह बढ़त 11,000 वोटों को भी पार कर गई थी, जिससे भाजपा पर दबाव काफी बढ़ गया है।
दावणगेरे दक्षिण सीट की स्थिति इसके उलट है, जहाँ कांटे की टक्कर बनी हुई है। शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास दसकरियप्पा ने कांग्रेस के समर्थ शमनूर पर 577 वोटों की बढ़त बनाई। दसकरियप्पा को 3,711 वोट मिले, जबकि शमनूर को 3,134 वोट मिले। यहाँ के परिणाम किसी भी पक्ष में जा सकते हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। बागलकोट के बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय और दावणगेरे के डीआरआर स्कूल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मतगणना की शुरुआत में एक छोटी बाधा तब आई जब ईवीएम के स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी नहीं मिलने के कारण अधिकारियों को ताला तोड़ना पड़ा। हालांकि, इस समस्या को जल्द ही सुलझा लिया गया और मतगणना समय पर शुरू हो गई। बागलकोट में चुनाव अधिकारियों ने सर्विस वोटरों के पोस्टल बैलट की गिनती के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया, जिसके लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है।
निर्वाचन सदन के भीतर सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है और मुख्य द्वार से केवल कर्मचारियों और मीडिया को ही प्रवेश दिया जा रहा है। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतगणना हॉल के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बागलकोट में 68.74 प्रतिशत और दावणगेरे दक्षिण में 68.43 प्रतिशत मतदान हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि मतगणना के अगले दौर पूरे होने के साथ ही अंतिम नतीजों की तस्वीर साफ हो जाएगी।

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