स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में जुटाए 63 मिलियन डॉलर, पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड-47 ने भी दोहराया भरोसा

ट्रैवल-फिनटेक कंपनी स्कैपिया की बड़ी उड़ान

स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में जुटाए 63 मिलियन डॉलर, पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड-47 ने भी दोहराया भरोसा
ट्रैवल-फिनटेक प्लेटफॉर्म स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट, पीक एक्सवी और ज़ेड-47 से $63 मिलियन का निवेश हासिल किया है। इस पूंजी का उपयोग भारत भर में ग्राहक आधार बढ़ाने और एआई-फर्स्ट उत्पाद विकास के लिए किया जाएगा। स्कैपिया फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ मिलकर डुअल-नेटवर्क क्रेडिट कार्ड और 'स्कैपिया पे' जैसी सुविधाएं दे रही है।

चंडीगढ़। भारत की अग्रणी ट्रैवल-फिनटेक कंपनियों में से एक, स्कैपिया ने जनरल कैटलिस्ट के नेतृत्व में 63 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है। इस निवेश दौर में मौजूदा निवेशकों पीक एक्सवी पार्टनर्स और ज़ेड—47 ने भी अपनी निरंतर भागीदारी बनाए रखी। इस पूंजी के जरिए स्कैपिया देशभर में अपने ग्राहक आधार का विस्तार करेगी और उत्पाद विकास व टीम निर्माण के अपने एआई-फर्स्ट दृष्टिकोण को और मजबूत बनाएगी।

स्कैपिया के फ़ाउंडर और सीईओ, अनिल गोटेटी, ने कहा, “हम जनरल कैटलिस्ट का भागीदार के रूप में स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित हैं। साथ ही, पीक एक्सवी और ज़ेड—47 का लगातार समर्थन हमारे विज़न, उत्पाद और अब तक की यात्रा में उनके मजबूत विश्वास को दर्शाता है। आज स्कैपिया केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि एक व्यापक ट्रैवल इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो चुका है, जिसे उस नई भारतीय पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो यात्रा को अपनी जीवनशैली का अहम हिस्सा मानती है। यह निवेश हमें अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने, ग्राहकों को बेहतर अनुभव और अधिक मूल्य देने, ब्रांड की पहुँच बढ़ाने और बेहतरीन प्रतिभाओं को साथ जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही, हम एक मजबूत एआई-फर्स्ट संस्कृति और उत्पाद सोच विकसित करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐसे उत्पाद तैयार करना है, जो लोगों को अधिक यात्रा करने और बेहतर जीवन अनुभव जीने के लिए प्रेरित करें।”

स्कैपिया ने युवा और यात्रा पसंद करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा वित्तीय प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो यात्रा की खोज, योजना, बुकिंग और पूरे अनुभव को अधिक सहज, सरल और एकीकृत बनाता है। कंपनी उन दो प्रमुख रुझानों के केंद्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही है, जिनमें युवाओं के बीच तेजी से बढ़ता यात्रा उत्साह और डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ता अपनाव शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में प्लेटफॉर्म पर फ्लाइट बुकिंग में 5 से 6 गुना और स्टे बुकिंग में 8 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाली बुकिंग में भी लगातार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।

इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा पूरे भारत में स्कैपिया ब्रांड को मजबूत बनाने और एक विश्वस्तरीय एआई-आधारित संगठन तैयार करने में निवेश किया जाएगा। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में शामिल है, जो स्वाभाविक रूप से एआई तकनीक के साथ सहज और तेजी से जुड़ने वाली पीढ़ी मानी जाती है। यही कारण है कि आज भारतीय उपभोक्ता अधिक स्मार्ट, व्यक्तिगत और सहज अनुभव देने वाले उत्पादों की अपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही, देश का प्रतिभाशाली कार्यबल भी ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने की मजबूत क्षमता रखता है। यह निवेश स्कैपिया को इंजीनियरिंग, उत्पाद, डेटा साइंस और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में शीर्ष एआई प्रतिभाओं को आकर्षित करने, विकसित करने और लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने में मदद करेगा।

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जनरल कैटलिस्ट के इंडिया और एमईएनए सीईओ, नीरज अरोड़ा, ने कहा, भारत की अगली बड़ी उपभोक्ता कंपनियाँ केवल पारंपरिक मॉडलों के डिजिटल रूपांतरण से नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली और नए उपभोक्ता व्यवहारों की गहरी समझ के आधार पर उभरेंगी। स्कैपिया ने बहुत शुरुआती चरण में ही यह पहचान लिया था कि नई भारतीय पीढ़ी के लिए यात्रा अब सिर्फ एक आकांक्षा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुकी है। पिछले एक वर्ष में ग्राहकों की संख्या में सात गुना वृद्धि और ट्रैवल इकोसिस्टम में कंपनी की मजबूत पकड़ उसके विज़न और क्रियान्वयन क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। हम स्कैपिया की इस विकास यात्रा का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं।”

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पीक एक्सवी पार्टनर्स साक्षी चोपड़ा ने कहा, “जैसे-जैसे यात्रा युवा भारतीयों की जीवनशैली और खर्च करने की आदतों का अहम हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे उपभोक्ता ऐसे वित्तीय उत्पादों की तलाश कर रहे हैं जो उनकी जरूरतों और व्यवहार के अनुरूप हों। स्कैपिया ने भुगतान, रिवॉर्ड्स, जीरो फॉरेक्स मार्कअप और यात्रा लाभों को जोड़ते हुए एक सहज ट्रैवल-फिनटेक अनुभव तैयार किया है, जो उपभोक्ताओं के साथ गहराई से जुड़ता है। टीम ने मजबूत उत्पाद सोच को उत्कृष्ट क्रियान्वयन के साथ जोड़ा है और हम उनके अगले विकास चरण में भी उनके साथ बने रहने को लेकर उत्साहित हैं।”

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ज़ेड47 के मैनेजिंग डायरेक्टर, विक्रम वैद्यनाथन, ने कहा,  “हमने स्कैपिया को उसके शुरुआती निवेश दौर से समर्थन दिया है और हर अगले चरण ने हमारे भरोसे को और मजबूत किया है। डुअल-नेटवर्क कार्ड से लेकर स्कैपिया पे और एयरपोर्ट प्रिविलेज जैसी पेशकशों तक, भारतीय फिनटेक क्षेत्र में बहुत कम टीमें इतनी तेजी और अनुशासन के साथ नवाचार कर रही हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ता अनुभव एआई-नेटिव होते जा रहे हैं, हमें विश्वास है कि स्कैपिया आधुनिक भारतीय यात्रियों के बीच एक अग्रणी ब्रांड के रूप में उभरेगा।”

स्कैपिया, फेडरल बैंक और बीओबी कार्ड के साथ साझेदारी में सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड प्रदान करती है और भारत की पहली कंपनी बनी, जिसने वीज़ा और रुपे दोनों नेटवर्क पर आधारित डुअल-नेटवर्क सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पेश किया। अंतरराष्ट्रीय खर्चों पर जीरो फॉरेक्स मार्कअप की सुविधा के लिए पहचान बना चुकी स्कैपिया ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ की भी शुरुआत की, जो केवल पारंपरिक लाउंज एक्सेस तक सीमित नहीं है, बल्कि डाइनिंग, रिटेल और ड्यूटी-फ्री अनुभवों को भी शामिल करता है। आज स्कैपिया के हर तीन में से एक उपयोगकर्ता पारंपरिक लाउंज एक्सेस की तुलना में शॉपिंग और डाइनिंग अनुभवों को अधिक प्राथमिकता देता है। कंपनी ने ‘एयरपोर्ट प्रिविलेज’ सुविधा को इसी बदलती उपभोक्ता पसंद और आधुनिक यात्रियों की नई अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।

पिछले छह महीनों में स्कैपिया ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाएँ और उत्पाद जोड़े हैं। इनमें रिवॉर्ड्स-फर्स्ट यूपीआई अनुभव ‘स्कैपिया पे’, एड-ऑन क्रेडिट कार्ड, बीबीपीएस के जरिए सभी बैंकों के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान, स्कैपिया स्टोर और स्कैपिया एक्सपीरियंस जैसी पेशकशें शामिल हैं। कंपनी अपने उपयोगकर्ताओं को ‘स्कैपिया कॉइन्स’ के रूप में रिवॉर्ड्स देती है, जिन्हें रोजमर्रा के खर्चों पर कमाया जा सकता है और बाद में उड़ानों, ट्रेनों, बसों, होटल बुकिंग, वीज़ा सेवाओं और अन्य यात्रा अनुभवों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सभी सेवाओं के जरिए स्कैपिया ने एक ऐसा संपूर्ण ट्रैवल इकोसिस्टम तैयार किया है, जहाँ यात्रा और वित्तीय सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज तरीके से उपलब्ध होती हैं। नए निवेश के साथ कंपनी अब इस इकोसिस्टम को और बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है।

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