विदेशी फंडिंग पर सरकार का पहरा: लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित, नित्यानंद राय ने देशहित वाला विधेयक बताया
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लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पारदर्शिता और देशहित के लिए जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और शक्तियों का केंद्रीकरण करार दिया। यह कानून विदेशी चंदे को जवाबदेह बनाने और निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लाया गया है।
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित किया गया जो विदेशी फंडिंग को पारदर्शी और उत्तरदायी बनायेगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 सदन में पेश करते हुए कहा कि यह आवश्यक संशोधन विधेयक है। उन्होंने कहा कि यह सेवा, पारदर्शिता और देशहित वाला विधेयक है। उन्होंने कहा कि विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम 2010 को संशोधित करने के लिए इस विधेयक को लाया गया है।
इस कानून में पारदर्शी और उत्तरदायी ढांचा बनाने के लिए संशोधन विधेयक को लाया गया है। उन्होंने कहा कि नामित प्राधिकरण को दिये गये अधिकार नियमों के अधीन है। विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान को पारदर्शी बनाना है। कोई भी संस्था जो देश की भावना और कानून के अनुरुप होगा उसे यह विधेयक बाधित नहीं करेगा। देशहित के खिलाफ कोई काम करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई किया जायेगा।
गृह राज्य मंत्री ने विपक्ष के आरोपों के जवाब में कहा कि यह खतरनाक उसके लिए होगा जिसके नीयत में खोट होगा। जो अपनी संस्था को निजी लाभ पहुंचाना चाहेगा उसके लिए यह अवश्य खतरनाक है। इससे पहले कांग्रेस के मनीष तिवारी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसमें आवश्क विधायी शर्ते होनी चाहिए थी वह नहीं है। इससे यह संसद के अधिकारों को भी कम करता है इसलिए इस विधेयक के इस फार्म में पेश नहीं किया जाए।
कांग्रेस के एडवोकेट गोवाल कागदा पडवी ने कहा कि इसमें केंद्र के पास अधिक शक्तियां देता है और संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन करने वाला है। यह विधेयक अनुच्छेद 25 और 26 का भी उल्लंघन करता है। तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह बहुत खतरानाक है। इसमें शक्तियों को केंद्रीकृत किया गया है। यह संविधान की मूल रुप रेखा का उल्लंखन होता है इसलिए वह इस विधेयक का विरोध करती हैं।

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