ओडिशा में करोड़ों का गबन, फर्जी बिलों का जाल... फरार वन अधिकारी गिरफ्तार
वेतन से लेकर सरकारी खजाने तक हेरफेर
भुवनेश्वर। ओडिशा सतर्कता विभाग ने शनिवार को फर्जीवाड़े और गबन के आरोप में वन विभाग के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया। उस पर पूर्व कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के नाम पर बकाया भुगतान के फर्जी बिल तैयार कर सरकारी धन के 2.60 करोड़ रुपये का कथित गबन करने और इस राशि को अपने परिवार के सदस्यों तथा सहयोगियों के बैंक खातों में जमा कराने का आरोप है। आरोपी सुना पर अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एमएसीपी) और संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति योजना (आरएसीपीएस) के तहत फर्जी बिल तैयार करने का आरोप है। इन योजनाओं के तहत उन सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिया जाता है, जिन्हें पदोन्नति नहीं मिलने के कारण लंबे समय तक एक ही पद पर काम करना पड़ता है।
सतर्कता विभाग की जांच के अनुसार सुनाबेड़ा वन्यजीव मंडल के कर्मचारियों की पहचान और उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी बिल तैयार किए गए और उन्हें भुगतान के लिए संसाधित किया गया। इसके बाद राशि आरोपी की पत्नी, भाई और बहन सहित उसके परिवार के सदस्यों तथा दो करीबी सहयोगियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। आरोपी पर आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपनी वास्तविक पात्रता से अधिक वेतन वृद्धि हासिल करने का भी आरोप है। लंबे समय तक बढ़ी हुई राशि के मासिक वेतन बिल तैयार करके उसने कथित तौर पर 10.58 लाख रुपये अतिरिक्त निकाले। सुना पर कथित तौर पर गबन की गई कुल राशि 2,60,21,306 रुपये है।
पिछले छह महीने से फरार चल रहे सुना को ओडिशा सतर्कता विभाग ने कल रात बलांगीर से गिरफ्तार किया। उसे भवानीपटना स्थित विशेष सतर्कता न्यायालय के न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा। सरकारी धन के कथित गबन की पुष्टि के लिए व्यापक सत्यापन और जांच के बाद यह गिरफ्तारी की गयी।

Comment List