जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव बने यूएस ओपन के नये बादशाह, 4 सेटों तक चले रोमांचक फाइनल में अमेरिकी शेल्टन को हराया

5-3 के स्कोर पर एक और ब्रेक हासिल करके सेट अपने नाम किया

जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव बने यूएस ओपन के नये बादशाह, 4 सेटों तक चले रोमांचक फाइनल में अमेरिकी शेल्टन को हराया
जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने यूएस ओपन पुरुष एकल फाइनल में अमेरिका के बेन शेल्टन को 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराकर इस साल अपना दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। ज्वेरेव ने चौथे सेट में शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया।

न्यूयॉर्क। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने यूएस ओपन पुरुष एकल फाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी बेन शेल्टन को 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराकर इस साल अपना दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। टॉप-सीडेड जर्मन खिलाड़ी ज्वेरेव ने रविवार रात शेल्टन की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए अपने संग्रह में एक और ग्रैंड स्लैम खिताब जोड़ा। 29 वर्षीय ज्वेरेव ने पहले सेट की शुरुआत में ही शेल्टन की सर्विस तोड़ी और अपना दबदबा बनाए रखा, फिर 5-3 के स्कोर पर एक और ब्रेक हासिल करके सेट अपने नाम किया। इसके बाद जर्मन खिलाड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेक में दबदबा बनाया और शुरुआती पांच अंक जीतकर दो सेट की बढ़त बना ली।

अमेरिका के शेल्टन, जो 2003 में एंडी रॉडिक के बाद ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले पहले अमेरिकी पुरुष बनने की कोशिश कर रहे थे, को आखिरकार तीसरे सेट में सफलता मिली। उन्होंने मैच में अपने पहले ब्रेक पॉइंट हासिल किए और सेट के आखिर में दूसरे मौके को भुनाते हुए मैच को चौथे सेट तक खींच लिया। हालांकि ज्वेरेव ने चौथे सेट में तुरंत वापसी की और शुरुआती गेम में ही शेल्टन की सर्विस तोड़ दी। दबाव के बावजूद वे शांत रहे। सेट में अपनी सर्विस पर केवल चार अंक गंवाए और एक ऐसी सर्विस के साथ चैंपियनशिप जीती जिसे शेल्टन वापस नहीं कर पाए। ज्वेरेव फाइनल में शेल्टन के खिलाफ 5-0 के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड के साथ उतरे थे और दोनों के बीच खेले गए पिछले सभी चार टाई-ब्रेक सेट जीते थे। यह जीत ज्वेरेव का छठा ग्रैंड स्लैम फाइनल और इस साल का तीसरा फाइनल था, जबकि शेल्टन अपना पहला बड़ा फाइनल खेल रहे थे। ज्वेरेव अपनी पहली सर्विस पर विशेष रूप से हावी रहे और इस शॉट पर 80 में से 68 अंक, यानी 85 प्रतिशत अंक जीते।

मैच के बाद समारोह के दौरान ज्वेरेव ने कहा- हम 30 साल तक कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाए थे और अब हमने तीन महीने के अंदर दो खिताब जीत लिए हैं। उन्होंने अपनी मां को भावुक श्रद्धांजलि भी दी और याद किया कि जब चार साल की उम्र में उन्हें डायबिटीज होने का पता चला था, तो उनकी मां ने किस तरह उनका साथ दिया था। ज्वेरेव ने कहा, उन्होंने कहा था, मेरा बेटा जो चाहेगा, वही बनेगा। उन्होंने खेल की दुनिया में शीर्ष तक पहुंचने के सफर के दौरान परिवार के संघर्ष का जिक्र किया।

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