इंडोनेशिया: भूकंप से 51 लोगों की मौत, 9,290 लोग राहत शिविरों में पहुंचे, आपातकाल लागू

राहत एवं बचाव कार्य जारी

इंडोनेशिया: भूकंप से 51 लोगों की मौत, 9,290 लोग राहत शिविरों में पहुंचे, आपातकाल लागू
इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद के झटकों से भारी तबाही हुई है। हादसे में 51 लोगों की जान चली गई और 113 से अधिक घायल हुए हैं। 9,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं, वहीं प्रांतीय सरकार ने 14 दिनों की आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि लागू की है।

जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में शनिवार को आये 7.7 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद के झटकों में 51 लोगों की मौत हो गयी तथा 113 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के अनुसार, 9,290 लोग राहत एवं निकासी केंद्रों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। बीएनपीबी के डेटा, सूचना एवं आपदा संचार केंद्र के कार्यवाहक प्रमुख बर्टन एसपी पंजैतान ने रविवार को बताया कि सिका जिले में सबसे अधिक 3,356 लोग और मंगराई में 2,078 लोग राहत शिविरों में हैं।

पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांतीय सरकार ने भूकंप के बाद 15 से 28 अगस्त तक 14 दिन की आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है। राज्यपाल मेल्की लाका लेना द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी। भूकंप के बाद 341 झटके भी दर्ज किए गए। मंगराई में सबसे अधिक 23 लोगों की मौत हुई, जबकि पूर्वी मंगराई में 17, सिका में चार और पश्चिमी मंगराई, एंदे तथा नागेकेओ में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

भूकंप से 1,357 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 914 मकानों को भारी, 126 को मध्यम और 317 को मामूली नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा है। सिका जिले में 1,356 लोग समाडोर स्पोर्ट्स हॉल में शरण लिए हुए हैं, जबकि करीब 2,000 लोग 10 अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं। नागेकेओ, पश्चिम नुसा तेंगारा के बिमा शहर और दक्षिण सुलावेसी के सेलयार द्वीप समूह में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बर्टन ने कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया के दौरान राहत शिविरों में लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना और आवश्यक सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मंगराई जिले में प्रभावित लोगों के लिए आपातकालीन तंबू, 30 टन चावल, दवाइयां, एक हजार कंबल, एक हजार फोल्डिंग बेड, एक हजार चटाइयां, स्वच्छ पानी, पानी की टंकियां और जनरेटर की तत्काल आवश्यकता है। बीएनपीबी ने इससे पहले 47 लोगों की मौत और 101 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के साथ मृतकों और घायलों के आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है।

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