बिहार में बाढ़ का खतरा बरकरार ! कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गंगा समेत प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने से राहत के संकेत
गंगा का जलस्तर अभी भी लाल निशान से ऊपर
पटना। बिहार सरकार के जलसंसाधन विभाग की तरफ से गुरुवार सुबह छह बजे जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर इसमें गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा के विभिन्न घाटों पर जलस्तर में कमी का रुख बना हुआ है, जबकि फरक्का में नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे निचले इलाकों में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
गंडक नदी गोपालगंज के डुमरिया घाट में खतरे के निशान 62.22 मीटर के मुकाबले 62.42 मीटर पर बह रही है। यहां नदी का जलस्तर 0.20 मीटर ऊपर है और गिरावट दर्ज की गई है। कोसी के बलतारा में जलस्तर 35.22 मीटर है, जो खतरे के निशान से 1.37 मीटर ऊपर है। कुरसेला में कोसी 31.50 मीटर पर है और यहां खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है। दोनों स्थानों पर जलस्तर घट रहा है।
बागमती नदी मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 48.78 मीटर पर है, जो खतरे के निशान 48.68 मीटर से 0.10 मीटर ऊपर है। बूढ़ी गंडक के खगड़यिा में जलस्तर 38.46 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.88 मीटर अधिक है। यहां भी जलस्तर में गिरावट जारी है। गंगा नदी के पटना के दीघा घाट पर जलस्तर 51.14 मीटर है, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 0.69 मीटर ऊपर है। गांधी घाट पर नदी 49.98 मीटर पर बह रही है और खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर है। हाथीदह में जलस्तर 43.17 मीटर है, जो खतरे के निशान से 1.41 मीटर अधिक है। मुंगेर में गंगा 39.86 मीटर पर है और खतरे के निशान से 0.53 मीटर ऊपर है।

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