धर्म पूछा और मार दी गोली! कुलगाम हमले में दूसरे मजदूर की भी मौत, तलाशी अभियान शुरू
उपराज्यपाल ने की हमले की निंदा
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले में बाहरी मज़दूरों पर हुए आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शुक्रवार शाम श्रीनगर के एक अस्पताल में घायल दूसरे मज़दूर की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। यह घटना दक्षिण कश्मीर में हुए एक आतंकी हमले के नौ दिन बाद हुई है, जिसमें अनंतनाग ज़िले में अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान शहीद हो गया था। 22 जुलाई को एक आतंकवादी ने इस पुलिसकर्मी की बहुत करीब से गोली मारी थी।
आज शाम की हुयी इस घटना में आतंकवादियों ने कुलगाम के कीलम में छत्तीसगढ़ के दो बाहरी मज़दूरों को निशाना बनाया और उन्हें घायल कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पताल में भेजा गया है। कश्मीर में बाहरी लोगों पर लगभग दो साल में यह पहला हमला है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2024 को बिहार के बांका ज़िले के रहने वाले 30 वर्षीय अशोक चौहान की शोपियां ज़िले के वाची इलाके में अज्ञात उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात की और सुरक्षा बलों को अभियान तेज़ करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया। सिन्हा ने 'एक्स' पर कहा, "मैंने कुलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले के बाद डीजीपी नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात की, जिसमें छत्तीसगढ़ के एक मज़दूर की मौत हो गई। मैं इस कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने हमारे सुरक्षा बलों को अपने अभियान तेज़ करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए अभियान शुरू किया है।"
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के एक अन्य घायल मज़दूर को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने आगे कहा, "पीड़ित परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं घायल के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूँ। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश परिवारों के साथ खड़ा है।" जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने इस हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "वे अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से दूर जाकर कड़ी मेहनत करते हैं। हिंसा की ऐसी बेमतलब की घटनाओं में उन्हें निशाना बनाना अकल्पनीय रूप से क्रूर है।"

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