नक्सलवाद मुक्त भारत की पहली दिवाली, मोदी ने बताया अब किससे है खतरा
अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा
जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने को छत्तीसगढ़ के बस्तर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ दीपावली मनाते हुए कहा कि देश में हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता हासिल हुई है, लेकिन अब'दिमागी नक्सलियों की पहचान कर उनसे मुकाबला करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया होने के बावजूद कुछ संगठनों में सक्रिय ऐसे तत्व लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी रविवार को बस्तर के करनपुर स्थित सीआरपीएफ के कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे, जहां उन्होंने सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर कैंप और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जवानों में उनके आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
प्रधानमंत्री ने लगभग 42 मिनट के संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के अभियान, आंतरिक सुरक्षा, सरकार की रणनीति, गरीबी उन्मूलन और बस्तर में आए बदलावों पर विस्तार से बात की। जवानों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए मोदी ने कहा, Þआज पूरे देश में और दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय रोशनी का यह शुभ त्योहार मना रहे हैं। लोग दूर-दूर से अपने घरों में लौट रहे हैं। यह परिवारों और प्रियजनों के लिए एक साथ आने और जश्न मनाने का एक बड़ा अवसर है। मैं भी दिवाली मनाने के लिए आप सबके बीच आया हूं। जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, राष्ट्र के रक्षक और भारत माता के वीर पुत्र-पुत्रियां, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2026 की दीपावली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, साल 2026 की ये दीवाली वाकई विशेष है! ये पहली दीवाली है, जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। ये पहली दीवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। ये पहली दीवाली है, जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि करीब 40-50 वर्षों तक नक्सली ङ्क्षहसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का वातावरण तैयार हुआ है। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के साहस, त्याग और समर्पण का परिणाम है।
मोदी ने कहा, आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। इस बार मैं बस्तर के जंगलों में आपके साथ दिवाली मनाने आया हूं। यह वही इलाका है, जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था। आपके बलिदान और समर्पण की वजह से अब इस इलाके से नक्सलवाद खत्म हो गया है और यहां विकास की नई लहर शुरू हुई है। प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ के अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा, Þ47 साल बाद, पहली बार ऐसा हुआ है, जब पिछले एक वर्ष में सीआरपीएफ के एक भी जवान को ड्यूटी के दौरान जान नहीं गंवानी पड़ी। ये देश की सही नीतियों और ²ढ़ इच्छाशक्ति की जीत है।Þ
उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के किसी जवान की जान नहीं जाना सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और संयम के साथ सरकार की नीतियों तथा मजबूत संकल्प की उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा, हमने सेवा भाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में लोगों के जीवन को बदला। इसलिए, नक्सलवाद से पीड़ति लोग भी सरकार और सुरक्षाबलों के साथ मजबूती से खड़े हुए हैं। आज एक तरफ 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। दूसरी ओर, देश में नक्सली हिंसा का भी अंत हुआ है। राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में मोदी ने कहा, जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन सफल नहीं हो पाते। लेकिन जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं। सीमाओं पर तैनात सेनाओं की तरह देश के भीतर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले जवान भी राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुरक्षाबलों के जवान अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में अनेक त्याग करते हैं, जिनके प्रति पूरा देश कृतज्ञ है।

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