ग्रेट निकोबार परियोजना पर जयराम रमेश का पत्र: कांग्रेस ने जताई पर्यावरण पर चिंता, केंद्र से की समीक्षा की मांग
पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता
नई दिल्ली। कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने और पर्यावरणीय पहलुओं का समुचित आकलन कराने की अपील की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को बुधवार को पत्र लिखकर कहा कि परियोजना को दी गई पर्यावरणीय मंजूरी अपर्याप्त पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययनों पर आधारित है। उनका दावा है कि इससे द्वीप की जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी तथा स्वदेशी समुदायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पत्र साझा करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से इस विषय पर उनका और मंत्री के बीच पत्राचार जारी है। परियोजना से संभावित पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए तथा संबंधित रिपोर्टों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए तैयार पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट पर्याप्त प्राथमिक आंकड़ों पर आधारित नहीं है तथा इसमें द्वीप की संवेदनशील पारिस्थितिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है।
रमेश ने गलाथिया खाड़ी क्षेत्र में तटीय कटाव संबंधी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि परियोजना के दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभावों का स्वतंत्र और व्यापक अध्ययन कराया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों की चिंताओं को प्राथमिकता देने की मांग भी की।

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