पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा: ब्रातिस्लावा में हुआ पारंपरिक स्वागत, अलग अंदाज में सुनाया वंदे मातरम
द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की यात्रा पर पहुंचने पर कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और बढ़ती साझेदारी और गहरी होगी। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी में उतरने के तुरंत बाद कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्सुकता जताई।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर देती है। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ फलदायी बैठकों की उम्मीद है।" वहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। यह अनूठी परंपरा मेहमाननवाजी, सद्भावना और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है।
पीएम मोदी ने इस स्वागत के लिए आभार जताया और कहा, "ब्रातिस्लावा में स्वागत के दौरान ब्रेड और नमक भेंट करने की पारंपरिक प्रथा देखने को मिली। यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहाँ के लोगों की सद्भावना व दोस्ती की भावना को दर्शाता है।" इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने मियावा क्षेत्र के लोक दल 'कोपानिसियारिक' की एक मनमोहक प्रस्तुति देखी। उन्होंने किसी देश के इतिहास और पहचान को बचाए रखने में पारंपरिक कलाओं की भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा, "स्लोवाकिया के मियावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक दल की एक बेहतरीन प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं अपनी संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।" ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में जुटे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समुदाय का यह स्नेह भारत और स्लोवाकिया को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को उजागर करता है।
पीएम मोदी ने कहा, "मैं भारतीय समुदाय के लोगों के इस स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को दर्शाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।" प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत बदलते वैश्विक और आर्थिक हालातों के बीच मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य स्लोवाकिया, व्यापार, निवेश, विनिर्माण, रक्षा सहयोग, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और आवाजाही जैसे क्षेत्रों में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।
राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ पीएम मोदी की बैठकों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग में सुधार लाने और सांस्कृतिक व शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच दशकों से दोस्ताना राजनयिक संबंध रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है, जबकि भारतीय कंपनियों ने स्लोवाकिया में अपनी उपस्थिति मजबूत की है, खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। वहीं स्लोवाकिया की कंपनियों ने भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में रुचि दिखाई है।
ब्रातिस्लावा की यह यात्रा पीएम मोदी के व्यापक यूरोपीय राजनयिक संपर्क का हिस्सा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को मजबूत करके भारत-स्लोवाकिया संबंधों को एक नई गति देगी।

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