स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय नीति की जरूरत : रिपोर्ट में की मांग, कहा- डिजिटल प्लेटफॉर्म की हो नियम मानने की कानूनी जिम्मेदारी
स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने जैसे सुझाव शामिल
नई दिल्ली। अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक अलग कार्यक्रम में सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज (सी-लैब) की जारी एक रिपोर्ट में डिजिटल मीडिया तक बच्चों की पहुंच और स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने की मांग की गई है। इस रिपोर्ट में स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने और उम्र के हिसाब से बच्चों को ऑनलाइन दुनिया में प्रवेश देने जैसे सुझाव शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि नियम मानने की कानूनी जिम्मेदारी और नियम तोड़ने पर सजा डिजिटल प्लेटफॉर्म की होनी चाहिए, बच्चे या उसके माता-पिता की नहीं।’ रिस्पॉन्सिबल एआई एंड सेफ डिजिटल स्पेसेस फॉर चिल्ड्रेन’ नाम का यह कार्यक्रम एथेना इन्फोनॉमिक्स और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने आयोजित किया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की शुक्रवार को यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार सी-लैब की इस रिपोर्ट का नाम ‘प्रिवेंशन बाय डिजाइन: फ्रॉम वॉलंटरी सेल्फ-रेगुलेशन टू अ स्टेट ड्यूटी ऑफ केयर’ है। इसका मतलब है कि बच्चों को ऑनलाइन नुकसान से बचाने के लिए कंपनियों के अपनी इच्छा से नियम बनाने पर निर्भर रहने की बजाय सरकार की कानूनी जिम्मेदारी तय की जाए।

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