राज काज में क्या है खास, जानें

हुनर हाईजैक का

राज काज में क्या है खास, जानें
सूबे में इन दिनों नई चर्चा ने कई एमएलएज की नींद उड़ा रखी है।

रिपोर्ट कार्ड ने उड़ाई नींद :

सूबे में इन दिनों नई चर्चा ने कई एमएलएज की नींद उड़ा रखी है। उनकी नींद उड़ना भी लाजिमी है, चूंकि उनके सपने कुछ ज्यादा ही रंगीन हैं। चर्चा है कि कैबिनेट रिसफलिंग में अपनाए जाने वाले फार्मूले में फिट बैठने वाले एमएलएज की संख्या ज्यादा नहीं है। फार्मूला और कोई बनाता तो, गली निकल जाती है, लेकिन गुजराती बंधुओं के इस फार्मूले में यह कतई संभव नहीं है। चर्चा है कि जिन एमएलएज का अपने इलाके में पब्लिक के बजाय खाईवाल साहबों के सिर पर हाथ है, वे लिस्ट से कोसों दूर है। लिस्ट भी और किसी ने नहीं, बल्कि सालों से एड़ियां रगड़ रहे पार्टी के हार्डकोर वर्कर्स ने बनाई है। चर्चा में दम है, तो कई भाई साहबों का पत्ता साफ होना तय है, इसमें दूसरी बार वालों की संख्या कुछ ज्यादा ही है।

बदले-बदले साहब :

इन दिनों कई साहब लोग बदले-बदले दिखाई दे रहे हैं। जिन्होंने सालों तक आॅफिसों में अपने हिसाब से कदम रखा, वे भी सुबह साढ़े नौ बजे अंगूठा लगाते दिखाई देते हैं। इनमें से कइयों की तो आंखें लाल रहती हैं, और हैंगओवर का असर अलग दिखता है। और तो और लंच केबिनों में भड़ास निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ते। राज का काज करने वालों में खुसरफुसर है कि बडेÞ साहब के ट्रेकिंग सिस्टम से पब्लिक को कितना सुकून मिला, यह तो  बाद में पता चलेगा, लेकिन फाइलों को दबाकर बैठने और अपने हिसाब से ही चलने वालों की हेकड़ी जरूर निकल गई। कुंभ राशि वाले बड़े साहब की वर्किंग स्टाइल को समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी है।

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हुनर हाईजैक का :

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किसी भी मंच को कैसे हाईजैक किया जाए, उसका भी एक हुनर होता है। हर किसी के बस की बात भी नहीं है। इस हुनर को सीखने के लिए भी कई पापड़ बेलने पड़ते हैं। भगवा वाली पार्टी में इस हुनर में अटारी वाले भाई साहब का कोई मुकाबला नहीं। उनकी इस कला को सीखने के लिए कइयों ने कोशिश की, मगर उनकी पार नहीं पड़ी। अब देखो , पिछले दिनों पिंकसिटी में राज के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर मीनेश वंशज डॉक्टर साहब के साथ ही हाथ वालों ने रात दिन पसीने बहाए। कर्टसी के नाते भाई साहब को फोन भी खुड़काया। भाई साहब का जवाब सुनकर रात भर चैन की नींद भी सोए। लेकिन दूसरे दिन अटारी वाले भाई साहब ने मामले को ऐसे हाईजैक किया कि रात दिन पसीने बहाने वाले डॉक्टर साहब एक कोने में खड़े नजर आए। उनकी समझ में नहीं रहा था कि जो भाई साहब हां-हां कर रहे थे, वे एकदम न्याय के मंदिर में ना-ना कर बैठे। अब उनको, मीनेश वंशज को कौन समझाए कि बैण्ड बाजा अच्छा हो, तो नाचने वाले पैरों को कोई नहीं रोक सकता।

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एक जुमला यह भी :

सूबे में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं बल्कि राज के दो नवरत्नों के बिगड़े गृहयोग को लेकर है। दोनों ही नवरत्न सरकार चला रहे हैं। वृष राषि वाले भाई साहब का स्वामी शुक्र रूठा हुआ है, जो अपनी करामात दिखा रहा है। नित नए आरोपों का सामना करा रहा है। धनु राशि वाले भाई साहब भी घरेलू संकट से जूझ रहे हैं। उनका गुरु बृहस्पति भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा। तमाम टोने टोटकों के बाद भी काबू में नहीं आया और पिछले मंगल को ऐसा झटका दिया, जिसकी कल्पना भी नहीं थी। अब दोनों रमों को ऐसे पंडित की तलाश है, उनके गृह योग को ठीक कर सके।

-एल. एल. शर्मा

(यह लेखक के अपने विचार हैं)

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