सशक्त होता भारत, बदलता राजस्थान
सौर ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत 12 वर्षों का कार्यकाल राजस्थान के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में याद किया जाएगा। उनके इस कार्यकाल में मरुस्थलीय प्रदेश राजस्थान ने जल संकट, ऊर्जा अभाव और आधारभूत संरचना की चुनौतियों से आगे बढ़कर निवेश, औद्योगिक विकास, अक्षय ऊर्जा, आधुनिक परिवहन और डिजिटल सशक्तिकरण के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत ढाई वर्षों में राजस्थान को विकास की राष्ट्रीय धारा में अग्रणी स्थान पर पंहुचाने सार्थक प्रयास किए हैं। राजस्थान सदैव संभावनाओं का प्रदेश रहा है। इन संभावनाओं को वास्तविक विकास में परिवर्तित करने के लिए दूरदर्शी नेतृत्व, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और मजबूत केंद्र-राज्य समन्वय की आवश्यकता थी। पिछले 12 वर्षों में यही समन्वय राजस्थान की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरा है।
विकास परियोजनाओं की सौगात :
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान को 92,496 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई। इनमें 79,459 करोड़ रुपये की एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और 13,037.66 करोड़ रुपये की जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। पचपदरा में विकसित हो रही 9 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाली रिफाइनरी विशाल औद्योगिक परियोजना है। यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक पुनर्जागरण की आधारशिला है। इस परियोजना से बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालौर और जोधपुर क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विकास, हजारों रोजगार अवसरों और व्यापक आर्थिक गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त होगा। जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना राजधानी जयपुर को आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था प्रदान करेगी। कुल 41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और 36 स्टेशनों वाली यह परियोजना भविष्य के जयपुर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
राजस्थान को मिली उपलब्धियां :
ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान को मिली उपलब्धियां विशेष उल्लेखनीय है। सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना सहित एक लाख आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह परियोजना राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगी। दूसरी ओर, भड़ला सौर पार्क और राज्यभर में विकसित सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं ने राजस्थान को देश की अक्षय ऊर्जा राजधानी के रूप में स्थापित किया है। आज देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में राजस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है। निवेश के क्षेत्र में राजस्थान ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया और इसमें 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है। राजस्थान के विकास की सबसे बड़ी चुनौती हमेशा जल रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में भी ऐतिहासिक पहलें हुई हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। हाल ही में 4,800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि ने इस मिशन को नई गति प्रदान की है। आज लाखों ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। रामजल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान की जल सुरक्षा का नया अध्याय है।
समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ :
इसी प्रकार यमुना जल समझौते को आगे बढ़ाकर दशकों पुरानी शेखावाटी क्षेत्र की समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों के लगभग तीन लाख किसानों को इससे लाभ मिलेगा। यह समझौता किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में राजस्थान ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। भारतमाला परियोजना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे ने राज्य को देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों से जोड़ दिया है। प्रमुख रेल मार्गों का विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण राजस्थान को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ रहा है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़ और जैसलमेर हवाई अड्डों के विस्तार ने पर्यटन और व्यापार दोनों को नई गति प्रदान की है।
लाभ राजस्थान के गांवों तक :
डिजिटल इंडिया अभियान का लाभ राजस्थान के गांवों तक पहुंचा है। भारतनेट परियोजना के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाएं अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। आयुष्मान भारत योजना ने लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर मिले हैं। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा का नया अध्याय जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को भी नई प्राथमिकता मिली है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रभाव राजस्थान के धार्मिक पर्यटन पर भी पड़ा है। खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, श्रीनाथजी, मेहंदीपुर बालाजी, पुष्कर और अन्य धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालु संख्या ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।
सौर ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि :
देश में सौर ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है तथा नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन मिला है। नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियानों ने जल, वायु और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा दी है। इन प्रयासों ने सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष राजस्थान के लिए केवल विकास परियोजनाओं के वर्ष नहीं रहे, बल्कि नई संभावनाओं, नए आत्मविश्वास और नए संकल्पों के वर्ष रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत ढाई वर्षों में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में जल से ऊर्जा तक, सड़क से डिजिटल कनेक्टिविटी तक, निवेश से रोजगार तक और सांस्कृतिक विरासत से आधुनिक विकास तक राजस्थान ने बहुआयामी प्रगति का अनुभव किया है। यही कारण है कि आज राजस्थान विकसित भारत-2047 के संकल्प का एक सशक्त आधार बनकर उभर रहा है।
-सूरज सोनी
यह लेखक के अपने विचार हैं।

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