अजमेर रेल मंडल : रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे में विभिन्न 11 स्थान पर लगाए हॉट एक्सेल डिटेक्टर, त्वरित कार्यवाही करने और सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान
संभावित दुर्घटनाओं को टालने में बड़ी सफलता
रेल परिचालन में सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए अजमेर मंडल में 11 ‘हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर’ लगाए गए। इसी हॉट एक्सल रेल दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। यह उपकरण चलते हुए रोलिंग स्टॉक के पहियों के तापमान की निगरानी। यदि किसी कोच या वैगन का एक्सल निर्धारित सीमा से अधिक गर्म पाया जाता है, तो यह सिस्टम उसे तुरंत भांप लेता है।
अजमेर। रेल परिचालन में सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए अजमेर मंडल में 11 ‘हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर’ लगाए गए हैं। इसी हॉट एक्सल (पहियों के धुरों का अत्यधिक गर्म होना) रेल दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। यह उपकरण चलते हुए रोलिंग स्टॉक के पहियों के तापमान की निगरानी करता है। यदि किसी कोच या वैगन का एक्सल निर्धारित सीमा से अधिक गर्म पाया जाता है, तो यह सिस्टम उसे तुरंत भांप लेता है। इस प्रकार हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर के उपयोग से हादसों पर लगाम भी लगती है। यह सिस्टम क्लाउड आधारित रियल-टाइम अलर्ट भेजता है| इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'क्लाउड कनेक्टिविटी' है।
जैसे ही हॉट एक्सल की पहचान होती है, सिस्टम क्लाउड के माध्यम से कंट्रोल ऑफिस को तुरंत एक अलर्ट भेजता है। इससे कंट्रोलर और तकनीकी टीम को पलक झपकते ही जानकारी मिल जाती है कि किस ट्रेन के किस डिब्बे में गड़बड़ी है। इससे त्वरित कार्यवाही करने और सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान हो जाता है | अलर्ट मिलते ही संबंधित ट्रेन को अगले स्टेशन या उपयुक्त स्थान पर रोककर रोलिंग स्टॉक की सघन जांच की जा रही है। समय रहते आवश्यक कार्यवाही होने से संभावित दुर्घटनाओं को टालने में बड़ी सफलता मिल रही है।

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