पांच वर्षीय मासूम से दुष्कर्म, मुंहबोले भाई को अंतिम सांस तक कैद
भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को किया तार-तार
अजमेर। पोक्सो प्रकरण की विशिष्ट न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत सिंह बघेला ने पांच वर्षीय बालिका का अपहरण कर उससे दुष्कर्म कर उसे गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन जीने की अंतिम सांस तक) एवं बीस लाख रुपए जुर्माने की सजा दी है। अदालत ने पीड़िता को 6 लाख रुपए प्रतिकर देने का आदेश भी दिया है। प्रकरण के अनुसार जेएलएन अस्पताल में पांच वर्षीय पुत्री का इलाज करवा रहे एक व्यक्ति ने 9 जुलाई 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी 8 जुलाई 24 की शाम करीब 5 बजे घर से निकल गई थी।
काफी देर तक घर नहीं आने पर उन्होंने तलाश शुरू की। किसी ने बताया कि बेटी झाड़ियों में रो रही है। वह खून से लथपथ थी। उसने सारी बात बताई। उसने तत्काल बेटी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया। परिवादी की शिकायत पर केकड़ी थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव नेअदालत को बताया कि पीड़िता आरोपी को भाई कहती थी। उसने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को तार-तार किया है।

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