10 साल बाद बदलेंगी राज. बोर्ड की किताबें, 75 से अधिक पुस्तकों के पुनर्लेखन की तैयारी

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार होगा पाठ्यक्रम

10 साल बाद बदलेंगी राज. बोर्ड की किताबें, 75 से अधिक पुस्तकों के पुनर्लेखन की तैयारी
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 9 से 12 तक की किताबों में करीब 10 साल बाद बदलाव की तैयारी की जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए पुस्तक लेखन का काम शुरू कर दिया गया है।

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 9 से 12 तक की किताबों में करीब 10 साल बाद बदलाव की तैयारी की जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए पुस्तक लेखन का काम शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में कक्षा 9वीं और 11वीं की 75 से अधिक पुस्तकों का पुनर्लेखन किया जाएगा। नई किताबें आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होंगी या नहीं, इस पर दिसंबर में समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ के अनुसार, नई पुस्तकों में राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, गौरव और राष्ट्रीयता के साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य से जुड़े विषयों को शामिल किया जाएगा। उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें रटने के बजाय समझ व विश्लेषण के आधार पर सीखने के लिए प्रेरित करना है।

परीक्षा और प्रश्नपत्रों में भी बदलाव :

बोर्ड इस बार दसवीं की परीक्षा दो बार आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, प्रश्नपत्रों में 25-50-25 का फॉमूर्ला अपनाया जाएगा। इसके तहत 25 प्रतिशत प्रश्न सरल, 50 प्रतिशत औसत कठिनाई और 25 प्रतिशत प्रश्न विद्यार्थियों की समझ व विश्लेषण क्षमता पर आधारित होंगे। बोर्ड की वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि विद्यार्थी परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें।

Read More खबर छपी तो थमी जेसीबी : पहाड़ियों में सन्नाटा, अब स्थायी रोक की चुनौती

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

हाईकोर्ट का फर्जी आदेश तैयार करने को लेकर रजिस्ट्रार करें जांच, विधायक पुत्र पर है आरोप हाईकोर्ट का फर्जी आदेश तैयार करने को लेकर रजिस्ट्रार करें जांच, विधायक पुत्र पर है आरोप
राजस्थान हाईकोर्ट ने वोटर बनने के लिए हाईकोर्ट का फर्जी आदेश तैयार करने से जुड़े मामले में न्यायिक रजिस्ट्रार को...
पुतिन की दो टूक- यूरोप के साथ युद्ध नहीं चाहता रूस, लेकिन किसी से डरता भी नहीं!
‘अर्नब’ कमजोर : नए चक्रवात का खतरा, आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के आसार
राजस्थान के रंगमंच को चाहिए स्थायी सहारा : दर्शक तैयार, लेकिन मंच तक पहुंच आसान नहीं
अमेजन में छंटनी का सिलसिला, बदलती तकनीकी दुनिया के संकेत
सुहागिनों ने रखा करवा चौथ का व्रत, कई जगह चांद नहीं दिखने से सुबह खोला व्रत
अर्नब साइक्लोन ने राजस्थान की जीत की उम्मीदों को धोया, उत्तराखंड के खिलाफ रणजी मुकाबला ड्रॉ समाप्त