भीलवाड़ा में मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त: हाईवे के होटलों में औचक जांच, दो संचालकों को नोटिस; सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस होगा निलंबित
मिलावटखोरी पर प्रशासन का कड़ा रुख
भीलवाडा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने शनिवार को भीलवाड़ा-राजसमंद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कई होटल और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने रविवार को बताया कि अभियान के तहत दल ने कालिका होटल, जोगनिया रेस्टोरेंट, भरका देवी रेस्टोरेंट, हंस अंबिका नॉन वेज और श्री राम होटल (गेरूड़ी मंगरी) का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रख-रखाव और सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कई जगह गंभीर कमियां मिलने पर दो होटल संचालकों को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि वे 14 दिनों के भीतर अपनी व्यवस्थाओं और खाद्य गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करें। तय समय सीमा में सुधार नहीं पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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