कर्ज का जाल, किसान की जान भी गई और जमीन भी हो गई नीलाम, परिवार के पालन-पोषण पर संकट, मुखिया की हो चुकी है दो माह पूर्व मौत

कर्ज का जाल, किसान की जान भी गई और जमीन भी हो गई नीलाम, परिवार के पालन-पोषण पर संकट, मुखिया की हो चुकी है दो माह पूर्व मौत
सात लाख का लोन था, जमीन बिकी 46 लाख 51 हजार में

रामगढ़ पचवारा, दौसा। प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी पिछले तीन सालों से मुद्दा बनी हुई है। सरकार का दावा है कि उसने हजारों करोड़ रुपए किसानों के कर्जे के माफ किए है लेकिन राजधानी के सबसे समीपवर्ती जिले दौसा से आई एक खबर ने कर्ज माफी की जमीनी हकीकत बता दी है। कर्ज में डूबे एक किसान की जमीन को पहले कुर्क किया गया और मंगलवार को उस जमीन की नीलामी भी कर दी गई। ऐसे में जमीन नीलाम होने के बाद किसान का परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है क्योंकि परिवार के भरण पोषण का अब कोई जरिया नहीं रहा है। दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी के कजोड़ मीणा ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 के बाद किसान ने 7 लाख रुपए से अधिक का ऋण नहीं चुकाया। लोन लेने वाले किसान कजोड़ मीणा की मौत भी हो गई। बैंक ने मृतक किसान के पुत्र राजू लाल और पप्पू लाल को कई बार नोटिस दिए। लेकिन गरीब परिवार सरकार के कर्जमाफी के इंतजार में लोन जमा नहीं करा पाया। ऐसे में रामगढ़ पचवारा एसडीएम कार्यालय की ओर से जमीन कुर्की के आदेश दिए गए।

जमीन की नहीं, जिंदगी की नीलामी का इश्तिहार
मंगलवार को जमीन की नीलामी की प्रक्रिया की गई। किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम कर दी गई। यह जमीन किरण शर्मा निवासी मंडावरी ने खरीदी।


परिवार वालों का रो रोकर हुआ बुरा हाल

नीलामी के बाद किसान परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके सामने प्रश्न ये है कि वे अब कहां जाएं। अपने परिवार को कैसे पाले? ऐसे में किसान परिवार के सदस्य आत्महत्या को मजबूर होने की बात कहते हुए नजर आए।

सेटलमेंट के प्रयास भी किए थे: एसडीएम
रामगढ़ पचवारा एसडीएम मिथलेश मीणा का कहना है कि केसीसी लोन जमा कराने के लिए सेटलमेंट के लिए भी प्रयास किए गए थे लेकिन किसान की ओर से लिया गया लोन नहीं चुकाया। जिसके बाद जमीन की नीलामी की गई है।


किसानों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा था
किसान की जमीन की नीलामी रोकने को लेकर हाल ही में किसानों ने उपखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर उपखंड अधिकारी से नीलामी रोके जाने को लेकर ज्ञापन भी सौंपा था। बैंक मैनेजर ने किसान के पुत्रों को एक मुश्त समझौता के तहत छूट पर कर्ज जमा कराने की कोशिश भी थी।

Read More कोटा में विद्यार्थियों का ‘अपना परिवार’ बना आईएचओके

Post Comment

Comment List

Latest News

पीएम मोदी बोले- कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व आईआईटी-आईआईएम से कम नहीं पीएम मोदी बोले- कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व आईआईटी-आईआईएम से कम नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वर्ल्डस्किल्स' प्रतियोगिता के भारतीय दल से संवाद करते हुए कहा कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व...
पोस्टरों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
सीजेपी प्रदर्शन: नई दिल्ली, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर शनिवार को आने वाली 38 ट्रेनें रद्द, यहां देखें सूची
नवरात्रि में व्रत सामग्री की बढ़ी मांग : शुद्धता और पोषण पर जोर, साबु ट्रेड ने एगमार्क प्रमाणित साबूदाना सहित पेश किए सात्विक खाद्य उत्पाद
सड़क-पानी छोड़िए, पहले कुंवारों के घर बसाऊंगी! सरपंच प्रत्याशी का अनोखा वादा, बोलीं- बारात की ट्रेन तक लगवा दूंगी
14 अक्टूबर को निकलेगी भगवान श्रीराम की भव्य बारात, मथुरा के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन
नितिन नवीन ने काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों और एमएलसी चुनाव में कार्यकर्ताओं को दिया जीत मंत्र