उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 पुलिसकर्मियों को मिला ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’ सम्मान, पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान तक निभाई अहम भूमिका
मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना की
जयपुर। अपराध नियंत्रण, अपराधियों की गिरफ्तारी, यातायात प्रबंधन और विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जयपुर पुलिस के छह पुलिसकर्मियों को ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने मंगलवार को पुलिस आयुक्तालय में आयोजित कार्यक्रम में सितंबर 2026 के लिए चयनित पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर उनकी मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना की।
पुलिस आयुक्त मित्तल ने कहा कि जयपुर पुलिस का ध्येय ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ की भावना को साकार करना है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और अन्य कार्मिकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
48 घंटे में बैंक लूट का खुलासा :
जिला पूर्व के हेमंत फौजदार, कांस्टेबल डीएसटी, ने रामनगरिया थाना क्षेत्र में बैंक लूट की वारदात का 48 घंटे में खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गांधीनगर थाना क्षेत्र के एनडीपीएस प्रकरण में 50.07 ग्राम स्मैक बरामद करवाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिला पश्चिम के बिंदायका थाने के कांस्टेबल श्रीराम ने प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी में गर्भवती महिला की हत्या कर शव दफनाने के मामले में मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी प्रवेश रावत उर्फ हग्गु को गिरफ्तार करवाने में अहम भूमिका निभाई।
जिला उत्तर के गलतागेट थाने के कांस्टेबल राजू सिंह ने वांछित माल-मशरूका बरामद करवाने के साथ अन्य मामलों में 15 मोटरसाइकिलें बरामद करने में सहयोग किया। जिला दक्षिण के शिवदासपुरा थाने के कांस्टेबल विनोद कुमार ने पांच लंबित वारंट और छह सम्मनों का निस्तारण करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यातायात और विभागीय कार्यों में भी उत्कृष्ट योगदान :
यातायात पूर्व के कांस्टेबल अनिल ने सांगानेर मुख्य बाजार में पार्किंग व्यवस्था सुधारकर यातायात सुचारू बनाया। वहीं, पुलिस उपायुक्त कार्यालय, मुख्यालय में कार्यरत कांस्टेबल मनोज पिंगोलिया ने पदक प्रस्तावों, वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन, संपत्ति विवरण और राजकाज मॉड्यूल से जुड़ी समस्याओं के समाधान सहित रिकॉर्ड संधारण का कार्य कुशलतापूर्वक किया।

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