सीजेडए की आपत्ति में अटकी कोटा में टाइगर जोड़े की एंट्री
अब कमियां दूर कर दोबारा प्रस्ताव भेजेगा वन्यजीव विभाग
कोटा। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में एक बार फिर बाघों की दहाड़ सुनाई देने की उम्मीद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) की आपत्ति के चलते अटक गई है। पार्क में जयपुर से टाइगर का नया जोड़ा और उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से इंडियन फॉक्स व इंडियन ग्रे-वुल्फ लाने की तैयारी थी, लेकिन मास्टर प्लान से जुड़ी औपचारिकता पूरी नहीं होने के कारण प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब वन्यजीव विभाग को वर्ष 2046 तक का मास्टर प्लान प्रस्तुत कर आपत्ति दूर करनी होगी। इधर, विभाग का कहना है कि मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है और संशोधित प्रस्ताव एक-दो दिन में सीजेडए को भेज दिया जाएगा।
मास्टर प्लान के अभाव में अटका एनिमल एक्सचेंज प्लान
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों की नई प्रजातियां लाने के लिए कोटा वन्यजीव विभाग ने एनिमल एक्सचेंज प्लान तैयार किया था। इसके तहत जयपुर से टाइगर का जोड़ा और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से इंडियन फॉक्स व इंडियन ग्रे-वुल्फ लाने की योजना है। संबंधित पार्कों के अधिकारियों की ओर से भी वन्यजीव उपलब्ध कराने पर सहमति दी जा चुकी है। इसके बाद कोटा वन्यजीव विभाग ने आवश्यक स्वीकृति के लिए सीजेडए को प्रस्ताव भेजा। लेकिन, आगामी 20 वर्षों के विकास और व्यवस्थाओं का मास्टर प्लान नहीं भेजा गया। इसी आपत्ति के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
2046 तक का खाका तैयार, अब मंजूरी का इंतजार
विभाग के अनुसार, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क का वर्ष 2046 तक का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इसमें पार्क के भविष्य के विस्तार, वन्यजीवों की सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित योजनाओं को शामिल किया है। विभाग अब इसे उच्चाधिकारियों के माध्यम से सीजेडए को भेजने की तैयारी कर रहा है। संशोधित प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को कोटा लाने का रास्ता साफ हो सकेगा।
मास्टर प्लान में टाइगर सफारी की भी योजना
बायोलॉजिकल पार्क में भविष्य में टाइगर सफारी शुरु किए जाने की योजना को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा वन्यजीवों के नाइट शेल्टर और डिस्प्ले एरिया को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है। नए वन्यजीवों के आने से पार्क में पर्यटकों के लिए आकर्षण बढ़ने के साथ वन्यजीवों की विविधता में भी इजाफा होगा।
अभी एक ही उम्रदराज बाघिन, बाघ की हो चुकी मौत
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वर्तमान में मात्र एक ही बाघिन है, जो अपने जीवन के 22 साल पूरे कर चुकी है और 23वें साल में चल रही है। उम्रदराज होने के कारण पिछले कुछ दिनों से कमजोरी से जूझ रही है। जिसे मांस के साथ मल्टीविटामिन, आयरन टॉनिक भी दिया जा रहा है। हालांकि, पशु चिकित्सकों की निगरानी में तीन सदस्यीय समिति बाघिन की डाइट, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर नजर आए हुए है। बता दें, अगस्त 2024 में नर बाघ नाहर की मौत हो गई थी, इसके बाद से ही वह अकेली जीवन काट रही है।
फॉक्स के लिए तैयार किया एनक्लोजर
अभेड़ा पार्क के प्रथम चरण में ही इंडियन फॉक्स के लिए एनक्लोजर बना दिया गया था, लेकिन अब तक यहां फॉक्स नहीं लाए जा सके। इस बार एनिमल एक्सचेंज प्लान के तहत उन्हें लाने की तैयारी आगे बढ़ी है। वनकर्मियों ने एनक्लोजर की साफ-सफाई करवाई है। साथ ही नाइट शेल्टरों की जांच और सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया गया है।
अभेड़ा करेगा सज्जनगढ़ से भेड़िए एक्सचेंज
बायोलॉजिकल पार्क में वर्तमान में 2 भेड़िए हैं, जिनमें एक मादा व एक नर है। वर्ष 2022 से अब तक सफल ब्रिडिंग नहीं होने से इनकी संख्या में इजाफा नहीं हो सका। ऐसे में अब इन्हें एक्सचेंज कर सज्जनगढ़ बायोजलॉजिकल पार्क से नए इंडियन ग्रे-वुल्फ का जोड़ा लाया जाएगा।
नाहरगढ़ से टाइगर का जवान जोड़ा और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से इंडियन फोक्स और इंडियन ग्रे-वुल्फ को लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। स्वीकृति के लिए भेजे गए प्रस्ताव में मास्टर प्लान को लेकर कुछ आॅब्जेक्शन आए हैं, जिसे दुरुस्त करवा लिया गया है। जिसे एक-दो दिन में वापस भेज दिया जाएगा। इसके बाद टाइगर सहित अन्य एनिमल लाए जाने की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
-प्रमोद कुमार धाकड़, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा

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