पशुपालन क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा : स्टेट वेटरनरी पॉलिसी होगी तैयार, मुख्य सचिव ने की पशुपालन विभाग की समीक्षा
536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स की रोजाना मॉनिटरिंग और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश में पशुपालन सेवाओं को सुदृढ़ करने, पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने पशुपालन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्टेट वेटरनरी पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स के संचालन की समीक्षा करते हुए इनकी रोजाना मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा के दौरान बताया गया कि योजना के तहत 26 लाख से अधिक पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं।
मुख्य सचिव ने पशु चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए वेटरनरी कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल तकनीक और टेली-वेटरनरी सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी पशुपालकों को विशेषज्ञ परामर्श और बेहतर उपचार सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर भी बल दिया गया।

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