चीनी बाजार में बड़ी गिरावट : जयपुर में थोक भाव ₹1,000 प्रति क्विंटल तक टूटे, 20 अगस्त के ₹6,400-6,700 से घटकर ₹5,400-5,700 पर आए
आगे भी भाव नरम रहने की उम्मीद
जयपुर। चीनी की बढ़ती उपलब्धता और सरकार के स्टॉक नियंत्रण के बीच जयपुर के थोक बाजार में चीनी के भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई है। थोक बाजार में चीनी ₹5,400 से ₹5,700 प्रति क्विंटल बिकी, जबकि 20 अगस्त को इसके भाव ₹6,400 से ₹6,700 प्रति क्विंटल थे। इस तरह करीब 12 दिनों में चीनी के भाव ₹1,000 प्रति क्विंटल तक नीचे आ गए हैं।
बाजार में सितंबर के पहले पखवाड़े के लिए कुल 13 लाख मीट्रिक टन चीनी की आपूर्ति जारी की गई है। इसमें भारतीय चीनी मिलों से 12 लाख मीट्रिक टन तथा कांडला रिफाइनरियों से 1 लाख मीट्रिक टन चीनी शामिल है। बाजार में बढ़ी आपूर्ति से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
15 सितंबर से स्टॉक सीमा घटकर 2,000 क्विंटल :
केंद्र सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य जमाखोरी और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के साथ घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत कारोबारी किसी स्टॉक को प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से अधिक अवधि तक नहीं रख सकेंगे। हालांकि, क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र में स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी।
आगे भी भाव नरम रहने की उम्मीद :
राजस्थान शुगर ट्रेड एसोसिएशन के महामंत्री पुरुषोत्तम काबरा के अनुसार, बाजार में पर्याप्त स्टॉक और लगातार आपूर्ति बनी रहने से निकट भविष्य में चीनी की कीमतों पर दबाव रह सकता है। सरकार की ओर से स्टॉक की निगरानी और भौतिक सत्यापन की व्यवस्था भी सख्त की जा रही है। ऐसे में जमाखोरी पर अंकुश लगने और आपूर्ति श्रृंखला में चीनी की नियमित आवाजाही से उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

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