लावारिस शवों की पुकार, परिजन कहां खो जाते हैं? मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों और दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के कारण ऐसे मामले आम
पुलिस लाचार दिखती है और कई परिवारों को पता ही नहीं चल पाता
जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अज्ञात मृतकों की पहचान एक ऐसी चुनौती बनी हुई है, जो हर साल दर्जनों परिवारों को अनंत इंतजार और दर्द दे जाती है। सड़कों, रेलवे ट्रैक, नदियों या सुनसान इलाकों में मिलने वाले शवों के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस हर संभव कोशिश करती है।
जयपुर। जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अज्ञात मृतकों की पहचान एक ऐसी चुनौती बनी हुई है, जो हर साल दर्जनों परिवारों को अनंत इंतजार और दर्द दे जाती है। सड़कों, रेलवे ट्रैक, नदियों या सुनसान इलाकों में मिलने वाले शवों के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस हर संभव कोशिश करती है।
समाचार पत्रों में हुलिया छपवाना, सोशल मीडिया पर अपील, थानों में फोटो चस्पा करना, मिसिंग पर्सन ब्यूरो से क्रॉस-चेक-फिर भी ज्यादातर मामलों में हाथ निराशा ही लगती है। सीमित समय (72 घंटे से कुछ हफ्तों तक) इंतजार के बाद मजिस्ट्रेट की अनुमति से शव का अंतिम संस्कार उसके अनुमानित धर्म के अनुसार कर दिया जाता है।
केस 1: रामनिवास बाग के पास नवजात शव (जनवरी 2026)
लालकोठी थाना क्षेत्र में खुले में नवजात का शव। शक है कि नशे में परिजनों ने छोड़ दिया। तलाश के बावजूद पहचान नहीं हुई, पुलिस ने संस्कार कराया।
केस 2: 50 वर्षीय एक बुजुर्ग का शव मिला (मार्च 2026)
कालवाड़ थाना इलाके में 8 मार्च को रूज्या मोड पर 50 वर्षीय एक बुजुर्ग का शव मिला था। जिसकी पहचान के लिए पुलिस ने 12 मार्च को अंतिम प्रेस नोट जारी किया था। पहचान नहीं होने के अभाव में दसवें दिन 17 मार्च को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
केस 3: करीब दो सप्ताह के बाद पुलिस ने किया अंतिम संस्कार
प्रताप नगर थाना इलाके के कुम्भामार्ग से एक 35 वर्षीय युवक को रुकमणी देवी बेनीप्रसाद जयपुरिया राजकिय चिक्तिसालय में भर्ती कराया गया जहां से उसकी स्थिति बिगडने लगी तो एसएमएस अस्पताल भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। करीब दो सप्ताह के बाद पुलिस ने 19 मार्च को अंतिम संस्कार कर दिया।
केस 4: अचेत अवस्था में मिला बुजुर्ग विधायकपुरी थाना इलाके में 10 मार्च
को एमआईरोड गर्वमेंट हॉस्टल के पास एक 60 वर्षीय बुजुर्ग अचेत अवस्था में मिला जिसे एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक सप्ताह इंतजार के बाद शव की स्थिति गलने जैसी होने लगी तो 16 मार्च को अंतिम संस्कार कर दिया।
केस 5: परिजनों की तलाश में जुटी
चौमूं थाना इलाके के रामपुरा पुलिया के पास 16 मार्च को एक दुघर्टनाग्रस्त लाश मिली। पुलिस ने शव को एसएमएस अस्पताल के मुुर्दाघर में पहचान के लिए रखवाया है। फिलहाल पुलिस शव की पहचान के साथ उसके परिजनों की तलाश में जुटी है, और लाश अपने परिजनों का इंतजार कर रही है। शायद डीप फ्रिज में पड़ी-पड़ी यही पुकार कर रही है कि मेरे परिजन कहां खो गए।
पुलिस अपने स्तर पर पहचान और परिजनों की तलाश के लिए प्रयास करती है। पहचान नहीं होने पर विधि सम्मत ढंग से दाह संस्कार कराया जाता है।
ओमप्रकाश पासवान, विशेष पुलिस आयुक्त जयपुर

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