अनुसूचित क्षेत्रों की नई नगर पालिकाओं की अधिसूचना निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू, याचिकाओं पर स्थगन आदेश के बाद लिया निर्णय
नगर पालिकाओं के गठन में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई
उच्च न्यायालय द्वारा इन नगर पालिकाओं के गठन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर स्थगन आदेश जारी किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
जयपुर। प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में गठित नई नगर पालिकाओं की अधिसूचना को निरस्त करने की प्रक्रिया स्वायत्त शासन विभाग की ओर से प्रारंभ कर दी गई है। उच्च न्यायालय द्वारा इन नगर पालिकाओं के गठन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर स्थगन आदेश जारी किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इन अधिसूचनाओं को निरस्त करने के बाद संबंधित क्षेत्र पुनः ग्राम पंचायतों में परिवर्तित हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत नगर पालिका घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर से प्रस्ताव प्राप्त कर परीक्षण और राज्यपाल की सहमति आवश्यक होती है। हालांकि, अनुसूचित क्षेत्रों की कुछ नगर पालिकाओं के गठन में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
केंद्र सरकार की 2018 की अधिसूचना के तहत बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और सिरोही के कुछ क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया गया था। इनमें से कई स्थानों पर नगर पालिकाएं बनाई गई थीं। पांच वर्षों में ऋषभदेव, घाटोल, धरियावद, दलोट, सीमलवाड़ा, सेमारी, सराड़ा-चावंड, खेरवाड़ा और झाड़ोल जैसी नगर पालिकाएं खोली गईं। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार भविष्य में यदि आमजन और जनप्रतिनिधियों की मांग और सकारात्मक परीक्षण रिपोर्ट मिलती है, तो इन क्षेत्रों में पुनः नगर पालिका बनाने पर विचार किया जाएगा।
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