Rajasthan में डेंगू के मामले बढ़े, इस साल चिकनगुनिया-मलेरिया से भी आगे
नेशनल डेंगू डे आज
जयपुर। डेंगू के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। गंभीर स्थितियों में डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू के जोखिमों और बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है। डेंगू का वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता हैं। इनमें ए. एजिप्टी और ए. एल्बोपिक्टस मच्छर प्रमुख हैं। ये मच्छर जीका, चिकनगुनिया और अन्य वायरस भी फैलाते हैं। डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक सक्रिय होते हैं। इसके काटने से तेज बुखार, शरीर-मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी-दस्त और कुछ गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग के कारण शौच के साथ खून आने की समस्या हो सकती है। गंभीर स्थिति में ब्लड प्लेटलेट्स काफी तेजी से कम होने लगते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
प्रदेश में अब तक 814 केस सामने आए, बीकानेर में सबसे ज्यादा 160
प्रदेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल एक जनवरी, 2024 से लेकर 15 मई, 2024 तक डेंगू के 814 केस पॉजिटिव मिल चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि एक भी व्यक्ति की मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में रिपोर्टेड नहीं है। वहीं पॉजिटिव मामलों की बात करें तो सबसे ज्यादा बीकानेर में 160 केस अब तक सामने आए हैं। इसके बाद 107 केस जयपुर ग्रामीण में और जयपुर शहर में 55 केस मिले हैं।
डेंगू के प्रकोप से ऐसे बचें
घरों में मच्छरों को पनपने न दें, पानी एकत्रित न होने दें। अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। मच्छरों से बचें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव कराएं, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। डेंगू के लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाएं।

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