परवन वृहद सिंचाई परियोजना : भूखंड मिलने के बाद भी नहीं हटे विस्थापित परिवार, जल संसाधन ने दिया अंतिम मौका
मानसून 2026 से पहले सभी प्रभावित परिवारों को अपना निवास स्थान खाली करना होगा
जल संसाधन विभाग ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को अंतिम मौका दिया है। जिन परिवारों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, उन्हें मानसून 2026 से पहले विस्थापित होना होगा। बांध का निर्माण 94% पूरा हो चुका है। समय पर न हटने वाले परिवार वर्षाकाल में होने वाले नुकसान के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जयपुर। परवन वृहद सिंचाई परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के ऐसे परिवार, जिन्हें भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन वे अब तक विस्थापित नहीं हुए हैं, उन्हें जल संसाधन विभाग (WRD) ने अंतिम मौका दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानसून 2026 से पहले सभी प्रभावित परिवारों को अपना निवास स्थान खाली करना होगा।
विभाग के अनुसार परवन बांध निर्माण का कार्य लगभग 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत लगाए जा रहे 15 गेटों में से 14 गेट तैयार किए जा चुके हैं। आगामी वर्षाकाल में बांध में जलभराव किया जाना प्रस्तावित है, ऐसे में डूब क्षेत्र में निवास कर रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डूब क्षेत्र में आने वाले जिन गांवों को यह अंतिम अवसर दिया गया है उनमें बोरदा, सुखनेरी, मालोनी, फतेहपुर, पिपलियाघाटा, टाकुडा, अमलावदा, खरण, भवानीपुरा, मरजा, पड़पड़ी और भमोरी शामिल हैं।
जल संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के बाद भी जो परिवार डूब क्षेत्र से नहीं हटेंगे, वर्षाकाल के दौरान होने वाले किसी भी नुकसान के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभाग ने सभी प्रभावित परिवारों से शीघ्र पुनर्वास स्थल पर शिफ्ट होने की अपील की है ताकि जलभराव के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या जोखिम की स्थिति न बन सके।

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