डॉक्टर्स डे : इलाज की सबसे बड़ी ताकत है डॉक्टर-मरीज के बीच भरोसा, गूगल-एआई नहीं बन सकते इस रिश्ते का विकल्प
सुरक्षित इलाज का काम आज भी डॉक्टर्स ही कर सकता है
जयपुर। डिजिटल दौर में गूगल और एआई ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को हर व्यक्ति की पहुंच में जरूर ला दिया है, लेकिन इलाज केवल जानकारी से नहीं बल्कि विश्वास, संवाद और अनुभव से सफल होता है। पिछले कुछ वर्षो में डॉक्टरों और मरीजों के बीच बढ़ते अविश्वास और हिंसा की घटनाओं ने इस रिश्ते को चुनौती दी है। नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने जयपुर के वरिष्ठ चिकित्सकों से इस संबंध में बातचीत की। डॉक्टर्स ने कहा कि तकनीक डॉक्टर की मदद कर सकती है, लेकिन मरीज की परिस्थितियों को समझकर सही निर्णय लेने, मनोबल बढ़ाने और सुरक्षित इलाज आज भी केवल डॉक्टर ही कर सकता है।
डॉक्टर्स और मरीजों के बीच बढ़ते विवाद चिंता का विषय
एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि हाल के वर्षो में डॉक्टरों और मरीजों के बीच बढ़ते विवाद चिंता का विषय हैं। मरीज और डॉक्टर्स को एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझने की जरूरत है। मरीज को इंटरनेट की जानकारी पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर से खुलकर सवाल पूछने चाहिए, डॉक्टरों को भी मरीज और परिजनों को बीमारी, इलाज और संभावित जोखिमों की पूरी जानकारी देनी चाहिए।
डॉक्टर और मरीज के बीच संवाद जरूरी
ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल के उप अधीक्षक और मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश जैन ने बताया कि किसी भी सफल उपचार की आधारशिला डॉक्टर और मरीज के बीच स्थापित विश्वास, पारस्परिक सम्मान और प्रभावी संवाद है। खुला और सकारात्मक संवाद मरीज को चिकित्सकीय परामर्श के अनुरूप उपचार अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है। डिजिटल जानकारी जागरूकता बढ़ाने का साधन है।
विश्वास और जिम्मेदारी का बनें रिश्ता
वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. केके बंसल के अनुसार डॉक्टर और मरीज का रिश्ता केवल इलाज तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वास और जिम्मेदारी की साझेदारी है। गंभीर बीमारी के दौरान डॉक्टर अपनी पूरी क्षमता और अनुभव के साथ मरीज को स्वस्थ करने का प्रयास करता है। कई बार इलाज में समय लगता है या परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आपसी भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत बनता है। एआई बीमारी की जानकारी दे सकता है लेकिन मरीज का मनोबल बढ़ाना डॉक्टर ही बढ़ा सकता है।
मरीज में इलाज के प्रति विश्वास पैदा करना जरूरी
यूरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ जैन कहते हैं कि एक सफल इलाज की शुरुआत मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को समझने से होती है। डॉक्टर इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर मरीज के लिए एक पूरी तरह कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करता है। जब मरीज को यह विश्वास होता है कि डॉक्टर उसकी जरूरतों के अनुसार इलाज कर रहा है तो उसकी मानसिक चिंता कम होती है और इलाज के बेहतर परिणाम सामने आते हैं। भ्रम की स्थिति दूर कर, मतभेद खत्म करें: वरिष्ठ श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ्रांशु का कहना है कि इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारी कई बार भ्रम की स्थिति पैदा कर देती है।

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