सांभर झील में दिख रहे फ्लेमिंगो, कम बारिश से इस बार संख्या रह सकती है कम

सर्दी की दस्तक के साथ प्रवासी पक्षियों की हलचल शुरू

सांभर झील में दिख रहे फ्लेमिंगो, कम बारिश से इस बार संख्या रह सकती है कम
राजस्थान की प्रसिद्ध सांभर झील में सर्दी की आहट के साथ फ्लेमिंगो (राजहंस) का आना शुरू हो गया है। फ्लेमिंगो के झुंड झील के पानी में अठखेलियां करते और आसमान में उड़ान भरते दिखाई देते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार यहां 35 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं। 

जयपुर। राजस्थान की प्रसिद्ध सांभर झील में सर्दी की आहट के साथ फ्लेमिंगो (राजहंस) का आना शुरू हो गया है। झील में इन गुलाबी परिंदों की मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों को एक बार फिर मनमोहक नजारे दिखने लगा है। हालांकि पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बारिश कम होने से इनकी संख्या में भी कमी देखी जा सकती है। खारे पानी की झील सांभर हर साल सर्दी में प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण ठिकाना बनती है। अभी पक्षियों का आना शुरू हो गया है और मार्च तक यहां पक्षियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। फ्लेमिंगो के झुंड झील के पानी में अठखेलियां करते और आसमान में उड़ान भरते दिखाई देते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार यहां 35 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं। 

इन वाटर बॉडीज पर बनती हैं बसेरा पक्षी विशेषज्ञ ओमप्रकाश सैनी के अनुसार सांभर में फ्लेमिंगोज का आना शुरू हो गया है। अभी यहां रतन तालाब, मुंडिया तालाब, डेम, नालियासर और शाकम्बरी माता मंदिर के आस-पास वाटर बॉडीज पर ये दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस बार बारिश कम होने से इनकी संख्या भी कम रह सकती है। अक्टूबर के अंत तक होगी गणना सांभर में वन विभाग के फॉरेस्टर श्याम शर्मा का कहना है कि यहां फ्लेमिंगोज की मौजूदगी की सही संख्या की जानकारी के लिए अक्टूबर के अंत तक संख्या की गणना की जा सकती है। ताकि पता लगाया जाए कि इस बार इन पक्षियों की संख्या यहां कितनी है।

ये प्रवासी पक्षी दिखते हैं यहां  : पक्षी विशेषक रोहित गंगवाल का कहना है कि सांभर लेक में छोटा राजहंस, बड़ा राजहंस, बार हेडेड हंस, ग्रेलैग हंस, चक्रवाक, उत्तरी शॉवलर बत्तख, यूरेशियन विजन बत्तख, नोर्देन पिंटेल, हवासील, कुरजां, ब्लैक टेल्ड गॉडविट, छोटी सैंडपाइपर, यूरेशियन स्पूनबिल, कामन क्रेन सहित अन्य प्रजातियों के पक्षी आते हैं। इस बार कम बारिश हुई है। ऐसे में पक्षियों की संख्या में कमी देखी जा सकती है।

प्रसिद्ध बर्ड वाचिंग स्थल : सांभर लेक, भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय  उद्यान, फलोदी के खीचन गांव, उदयपुर के मेनार वेटलैंड, चूरू के ताल छापर अभयारण्य, बीकानेर के जोरबीड, अजमेर की आना सागर झील, पाली के जवाई बांध, नागौर की डीडवाना झील, जयपुर की चंदलाई लेक, मानसागर लेक, भरतपुर के बंध बरेठा और बूंदी के कनक सागर लेक सहित अन्य जगहों पर प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। 

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