शादी-ब्याह से लेकर धार्मिक कार्यक्रम में चेन स्नैचर गैंग, पलक झपकते ही वारदात कर फरार
राजस्थान में अंतरराज्यीय गिरोह बने पुलिस के लिए चुनौती
जयपुर। राजस्थान में शादी समारोहों, मंदिरों, भागवत कथाओं, मेलों, कलश यात्राओं, तीज-गणगौर, नवरात्र, रामदेवरा यात्रा और अन्य भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में महिलाओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र तोड़ने वाले संगठित गिरोह पुलिस के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। पिछले कुछ वषार्ें में जयपुर, सीकर, दौसा, अजमेर, कोटा, उदयपुर और अन्य शहरों में सामने आए मामलों की जांच में यह पैटर्न सामने आया है कि अधिकांश वारदातें योजनाबद्ध तरीके से अंतरराज्यीय गिरोह वारदात करते हैं।
प्लानिंग से करते हैं वारदात
गिरोह किसी एक शहर में स्थाई रूप से नहीं रहते। वे आयोजन से एक-दो दिन पहले पहुंचकर शादी गार्डन, मंदिर, धर्मशाला या आयोजन स्थल की रैकी करते हैं। इसके बाद भीड़ बढ़ने का इंतजार करते हैं और वारदात के तुरंत बाद शहर छोड़ देते हैं। जांच में विभिन्न मामलों में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा तथा स्थानीय अपराधियों की भूमिका सामने आई है।
विशेष आयोजन पर होता है ध्यान
इन गिरोहों का तरीका बेहद शातिर होता है। वरमाला, फेरे, आरती, प्रसाद वितरण, भंडारे, डीजे या दर्शन के दौरान भीड़ बढ़ते ही एक सदस्य धक्का-मुक्की कर पीड़ित का ध्यान भटकाता है, दूसरा चेन तोड़ता है और तीसरा आरोपी तुरंत आभूषण लेकर भीड़ में गायब हो जाता है। कई मामलों में महिला सदस्य श्रद्धालुओं या मेहमानों के बीच घुलमिल जाती हैं, जिससे उन पर आसानी से शक नहीं होता। कई गिरोह किशोरों का इस्तेमाल करते हैं।
वृद्ध महिलाएं ज्यादा बन रहीं निशाना
सबसे अधिक निशाने पर बुजुर्ग महिलाएं, भारी सोने की चेन पहनने वाली महिलाएं, मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालु, बारात में नाच रहे लोग और छोटे बच्चों को संभाल रही महिलाएं रहती हैं। मई 2024 में जयपुर के सांगानेर स्थित भागवत कथा में नौ महिलाओं की चेन तोड़ी गई थी। मार्च 2026 में मानसरोवर की कलश यात्रा में सक्रिय सात महिला सदस्यों वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
2025 में खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के दौरान महिलाओं की चेन तोड़ने की घटनाएं हुईं। गत फरवरी में जयपुर के जगतपुरा स्थित एक मैरिज गार्डन में मेहमान बनकर पहुंचे आरोपी ने लाखों रुपए नकद और आभूषणों से भरा बैग पार कर दिया।
चेन स्नैचिंग की वारदातों से बचने के लिए भीड़भाड़ वाले आयोजनों में भारी जेवर पहनने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ओमप्रकाश, स्पेशल सीपी ऑपरेशन्स

Comment List