अस्पताल प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर, वेंटिलेटर पर रेफर प्रसूता को 10 मिनट तक नहीं मिला ऑक्सीजन सपोर्ट
सवाई मानसिंह अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े
जयपुर। राजधानी के सवाई मानसिंह अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल से गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रेफर होकर पहुंची आठ माह की गर्भवती प्रसूता को इमरजेंसी गेट पर करीब 10 मिनट तक ऑक्सीजन सिलेंडर और वार्ड बॉय का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान साथ आए रेजिडेंट डॉक्टर एम्बू बैग के सहारे मरीज की सांसें चलाते रहे। समय पर व्यवस्था नहीं मिलने से परिजनों ने इमरजेंसी के बाहर हंगामा कर दिया। मरीज के पति किशन के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव और हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे तत्काल SMS अस्पताल रेफर किया गया।
आरोप है कि मरीज के पहुंचने के बावजूद आवश्यक इंतजाम समय पर नहीं हो सके। घटना ने अस्पतालों के बीच रेफरल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इमरजेंसी विभाग के सूत्रों का कहना है कि गंभीर मरीजों को कई बार बिना पूर्व सूचना के भेज दिया जाता है, जबकि इमरजेंसी पहले से भारी दबाव में रहती है। वहीं, जनाना अस्पताल में ICU और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को SMS रेफर करने के निर्णय पर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर समन्वय से ऐसे गंभीर मरीजों को जोखिम भरे स्थानांतरण से बचाया जा सकता है।

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