Rajasthan Assembly Election: आचार संहिता के 14 दिन में करीब 216 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त

1868 शिकायतें मिली और 278 एफआईआर दर्ज

Rajasthan Assembly Election: आचार संहिता के 14 दिन में करीब 216 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त
पिछले विधानसभा चुनाव के पूरे समय में जब्त सामग्री से 305 प्रतिशत अधिक हैं।

जयपुर। राजस्थान में आगामी 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा आम चुनाव के मद्देनजर चुनाव आदर्श संहिता लगने के बाद गत 14 दिनों में प्रदेश में लगभग 216 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध शराब, नगदी एवं अन्य सामग्री जब्त की गई है जो मात्र दो सप्ताह में ही पिछले विधानसभा चुनाव के पूरे समय में जब्त सामग्री से 305 प्रतिशत अधिक हैं।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता के अनुसार प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियों की ओर से जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। इनमें इस दौरान जयपुर जिले में सर्वाधिक 35.20 करोड़ रूपए की अवैध सामग्री जब्त की गई जबकि भीलवाड़ा जिले में 14.07 करोड़, बांसवाड़ा में 13 करोड़ 75 लाख, उदयपुर में 12 करोड़ 80 लाख, अलवर में 12.80 करोड़, बाड़मेर में 10.15 करोड़, जोधपुर में 10.10 करोड़, चित्तौडग़ढ़ में 9.65 करोड़, सीकर में 7.79 करोड़, हनुमानगढ़ में 7.51 करोड़ एवं गंगानगर जिले में 7.46 करोड़ मूल्य की अवैध शराब, नगदी एवं अन्य सामग्री जब्त की गई। इसी तरह अन्य जिलों में भी अवैध सामग्री जब्त की गई।

उन्होंने बताया कि इस दौरान 1868 शिकायतें मिली और 278 एफआईआर दर्ज की गई।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

चीन पर केन्द्र की चुप्पी चिंताजनक : स्पष्ट जवाब दे सरकार, जयराम बोले- रियायतें देने का सिलसिला जारी चीन पर केन्द्र की चुप्पी चिंताजनक : स्पष्ट जवाब दे सरकार, जयराम बोले- रियायतें देने का सिलसिला जारी
कांग्रेस ने चीन के प्रति केंद्र सरकार की कथित नरमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। जयराम रमेश...
हरियाणा में बिजली संकट गहराया: कई इलाकों में ब्लैकआउट, जनरेटर का किराया 2 हजार रुपये तक पहुंचा; 24 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार
पति-पत्नी की करंट से मौत, खेत में टूटकर गिरे हाईटेंशन लाइन के तार से हादसा 15 भेड़-बकरियों की करंट  से मौत
पंचायत चुनाव में भाजपा के दिग्गजों ने परिवार पर लगाया दांव, बेटे-बहू और पत्नियां मैदान
चुनाव आयोग में बढ़ा विवाद, दो आयुक्तों ने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कैबिनेट सचिव से की शिकायत
अंतरिम भरण-पोषण के बकाए पर 12 महीने की सीमा अवधि आदेश पारित होने की तिथि से होगी लागू
तबादलों को लेकर न्यायिक दखल सीमित, असाधारण मामलों में ही दी जा सकती है चुनौती : हाईकोर्ट