राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में शुरू होगी लाइव दर्शन की सुविधा, अतिक्रमण हटाने के निर्देश
रिकॉर्ड संशोधन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की योजना
जयपुर। राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं को अब लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक में मंदिरों के विकास और श्रद्धालुओं, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिरों की भूमि का योजनाबद्ध विकास करने और अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व, गृह एवं देवस्थान विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने को कहा। जिला कलेक्टरों के माध्यम से नए मंदिरों की सूची तैयार कराई जाएगी। मुख्य सचिव ने मंदिरों की व्यवस्थाओं में सुधार, ट्रस्टों का प्राथमिकता से पंजीकरण और पुजारियों के रिक्त पद भरने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने दान राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता बरतने और विभागीय कामकाज में गड़बड़ी नहीं होने देने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 22,265 यात्रियों को तीर्थयात्रा कराई गई है। इनमें 20,591 यात्रियों ने रेल और 1,674 ने हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ के दर्शन किए। देवस्थान विभाग 936 राजकीय मंदिरों का प्रबंधन करता है और उसके यहां 14,447 ट्रस्ट पंजीकृत हैं। ट्रस्ट पंजीकरण और रिकॉर्ड संशोधन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की योजना भी है।

Comment List