‘मां’ योजना बनी जीवनदायिनी, 34 माह में करीब 2 हजार अंग प्रत्यारोपण
जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां) योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे उपचार और अंग प्रत्यारोपण की कैशलेस सुविधा मिल रही है। वर्तमान सरकार के 34 माह के कार्यकाल में करीब 2 हजार ट्रांसप्लांट किए गए हैं। योजना के तहत अब तक 1,310 मरीजों का किडनी और 563 मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया। किडनी प्रत्यारोपण पर 58 करोड़ रुपये तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर 35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा 112 मरीजों का लीवर ट्रांसप्लांट और 9 रोगियों का हृदय प्रत्यारोपण हुआ।
वहीं, 671 लाभार्थियों को कॉक्लियर इम्प्लांट की सुविधा मिली। योजना में पहली बार इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी शुरू की गई। इसके तहत दूसरे राज्यों में 106 अंग प्रत्यारोपण मामलों में करीब 6 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। सरकार के अनुसार, पिछले 34 माह में करीब 50 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार मिला, जिस पर 10,678 करोड़ रुपये खर्च हुए। उपचार पैकेजों की संख्या भी 1,800 से बढ़ाकर करीब 2,200 कर दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक मजबूरी किसी जरूरतमंद के इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए।

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