कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे को सैद्धांतिक वन स्वीकृति, अभी वन भूमि का हस्तांतरण नहीं
निर्धारित शर्तों की पूर्ण पालना अनिवार्य होगी
जयपुर। कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे परियोजना को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक वन स्वीकृति (स्टेज-1) मिल गई है, लेकिन इसे अंतिम वन अनुमति नहीं माना जाएगा। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि स्टेज-1 की मंजूरी मिलने मात्र से निर्माण एजेंसी को वन भूमि का हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए निर्धारित शर्तों की पूर्ण पालना अनिवार्य होगी। केंद्र सरकार ने स्वीकृति के साथ कई शर्तें तय की हैं। इनकी अनुपालन रिपोर्ट राज्य वन विभाग और निर्माण एजेंसी को प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद ही केंद्र सरकार स्टेज-2 की अंतिम वन स्वीकृति पर विचार करेगी।
निर्धारित सभी शर्तों को पांच वर्ष की अवधि के भीतर पूरा करना होगा। यदि इस अवधि में शर्तों की पालना नहीं होती है तो सैद्धांतिक स्वीकृति निरस्त भी की जा सकती है। ऐसे में एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए स्टेज-1 की मंजूरी को महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक निर्माण की दिशा में अभी कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। अब निर्माण एजेंसी और राज्य वन विभाग के सामने केंद्र की शर्तों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की चुनौती है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही वन भूमि हस्तांतरण का रास्ता साफ होगा।

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