राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह में संभव, 3 चरणों में हो सकता है मतदान
अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू होगी आचार संहिता
राजस्थान में पंचायत चुनाव मार्च के पहले सप्ताह में संभव है, इसके साथ ही आचार संहिता लागू होगी। तीन चरणों में मतदान हो सकता है। पंच-सरपंच पदों के लिए बैलट पेपर और जिला परिषद-पंचायत समिति के लिए ईवीएम का उपयोग होगा। ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट आने के सात दिन में सीटें तय होंगी। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करना है।
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह में संभव है। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ पूरे प्रदेश में आचार संहिता लग जाएगी। चुनाव में 3 चरणों में मतदान हो सकता है। नगर निकाय चुनाव की भी तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इसके संकेत दिए।
हालांकि, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद चुनाव कार्यक्रम तय होगा। रिपोर्ट आने के सात दिन में तय ओबीसी आरक्षित सीटें तय होंगी। सभी पंचायतों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। सरकार और आयोग का पंचायत चुनाव में 31 मार्च से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है,क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की तैयारियां :
राज्य निर्वाचन आयोग की प्रमुख तैयारियों में जनवरी में वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन और दावे आपत्तियों का निपटारा पूरा हो चुका है। आयोग ने पंच-सरपंच पदों के चुनाव में बैलट पेपर से मतदान का फैसला लिया है, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का उपयोग होगा। मतदान के दौरान दाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर स्याही लगाने की सख्त प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसमें नाखून के कट से पहली जोड़ तक स्याही अनिवार्य है।
अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू होगी आचार संहिता :
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना मार्च के पहले सप्ताह में जारी हो सकती है, जिसके साथ ही प्रदेशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। ओबीसी आरक्षण के लिए संबंधित आयोग की रिपोर्ट मिलते ही अधिकतम सात दिनों में सीटों का आरक्षण निर्धारण और लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फरवरी के तीसरे सप्ताह तक लॉटरी संभव है।
विभागों में यह गतिविधियां :
पंचायती राज विभाग नए वार्ड परिसीमन, ग्राम पंचायतों की संख्या और सीटों के आरक्षण पर काम कर रहा है। नगरीय विकास विभाग निकायों के लिए मतदाता सूची और बूथ व्यवस्था को अंतिम रूप दे रहा है। जिला कलक्टरों को आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण, बूथ निर्माण, सुरक्षा और मतदान सामग्री की व्यवस्था के आदेश दिए गए हैं। चुनाव खर्च सीमा बढ़ाई गई है, जैसे सरपंच के लिए अब एक लाख रुपए तक खर्च की अनुमति है। शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता संभवत: नहीं रहेगी, जबकि दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को राहत देने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।

Comment List