जयपुर नगर निगम : उपमहापौर की कुर्सी पर सियासी पेंच, भाजपा में आउटर जयपुर से चेहरे की तलाश
भाजपा के पास 78 पार्षद
जयपुर। नगर निगम में महापौर पद के लिए भाजपा ने सुनील कोठारी (वार्ड 112, परकोटा) को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अब निगम की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण कुर्सी यानी उपमहापौर (डिप्टी मेयर) पर पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। 25 सितंबर को महापौर चुनाव और 26 सितंबर को उपमहापौर चुनाव होना है। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं, जिससे बहुमत सुरक्षित है, लेकिन सामाजिक और भौगोलिक संतुलन साधने को लेकर मंथन जारी है। सुनील कोठारी परकोटा (इनर जयपुर) से हैं। इसलिए पार्टी अब आउटर जयपुर से उपमहापौर चुनने पर जोर दे रही है, ताकि क्षेत्रीय संतुलन बने। साथ ही राजपूत, ब्राह्मण और मूल ओबीसी समीकरण भी ध्यान में रखे जा रहे हैं।
प्रमुख दावेदार :
भवानी सिंह राजावत (वार्ड 89, सिविल लाइंस)
दूसरी बार पार्षद, पहले निगम चेयरमैन रह चुके। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा। राजपूत समुदाय। संगठन में सक्रिय।
दीपा नाथावत (वार्ड 47)
पहली बार पार्षद, मंडल अध्यक्ष रह चुकीं। राजपूत/सवर्ण समीकरण के लिए मजबूत नाम।
गजेंद्र सिंह चिराना (वार्ड 36)
पहले चेयरमैन, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के करीबी। राजपूत।
शैलेंद्र भार्गव
पूर्व शहर जिलाध्यक्ष, संघ पृष्ठभूमि। ब्राह्मण समुदाय के लिए मजबूत दावेदार। संगठन अनुभव लंबा।
राजेंद्र सैनी (वार्ड 12)
दो दशक से सक्रिय। मूल ओबीसी (सैनी)।
पलक यादव (वार्ड 10)
युवा (जेन-जी) पार्षद। मूल ओबीसी (यादव)।
अन्य नामों में विमल अग्रवाल, अनुराधा माहेश्वरी, विकास बारेठ, प्रतिभा शर्मा और शशि प्रकाश शर्मा भी चर्चा में हैं।
राजनीतिक गणित क्या कहता है ?
वैश्य/जैन मेयर (कोठारी) से वैश्य समुदाय को संतुष्ट किया गया है।
उपमहापौर पर राजपूत (कभी मेयर/उपमेयर नहीं बने) या ब्राह्मण (कोर वोट बैंक) को मौका देने की संभावना।
मूल ओबीसी को भी जगह दी जा सकती है।
आउटर क्षेत्र से चेहरा चुनकर भौगोलिक बैलेंस साधने की कोशिश।

Comment List