राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में जयपुर क्रिटिकॉन-2026 का शुभारंभ, गंभीर मरीजों के उपचार और सेप्सिस प्रबंधन पर मंथन
सम्मेलन की थीम सेप्सिस स्टूअर्डशिप रही
जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में जयपुर क्रिटिकॉन-2026 का शुभारंभ हुआ। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की जयपुर शाखा की ओर से आयोजित सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिभागियों और 40 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें क्रिटिकल केयर के 10 प्रमुख राष्ट्रीय विशेषज्ञों सहित चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों के उपचार पर विचार साझा किए। सम्मेलन की थीम सेप्सिस स्टूअर्डशिप रही। विशेषज्ञों ने बताया कि सेप्सिस संक्रमण के प्रति शरीर की अनियंत्रित प्रतिक्रिया है, जो किडनी, फेफड़े, लिवर, हृदय और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। न्यूमोनिया, मूत्र मार्ग, पेट, त्वचा और रक्तप्रवाह के संक्रमण से सेप्सिस हो सकता है। इसकी समय पर पहचान और तत्काल उपचार बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है।
संक्रमण के साथ सांस लेने में परेशानी, भ्रम, अत्यधिक सुस्ती, पेशाब कम होना, तेज धड़कन या शरीर का तापमान असामान्य होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। आयोजकों डॉ. मोहित के. रॉय, डॉ. निखिल अजमेरा और डॉ. चंद्रशेखर गौड़ ने स्वच्छता अपनाने और संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।

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